“वर्ल्ड हगिंग डे: आज अपनों को दें एक प्यारी सी जादू की झप्पी जो मिटा देती है सारी दूरियां”

आज 21 जनवरी 2026, बुधवार है। आज का दिन राष्ट्रीय अखंडता, अंतरराष्ट्रीय जागरूकता और धार्मिक ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
1. राष्ट्रीय महत्व (National Importance)
भारत के लिए आज का दिन विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों के गौरव से जुड़ा है:
- त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय का स्थापना दिवस: आज ही के दिन (21 जनवरी, 1972) इन तीनों राज्यों को ‘उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971’ के तहत पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था।
- सांस्कृतिक उत्सव: इन राज्यों में आज के दिन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परेडों के माध्यम से उनकी समृद्ध विरासत का जश्न मनाया जाता है।
2. अंतरराष्ट्रीय महत्व (International Importance)
वैश्विक स्तर पर आज कई जागरूकता और उत्साहजनक दिवस मनाए जाते हैं:
- इंटरनेशनल हगिंग डे (International Hugging Day): मानवीय संवेदनाओं और आपसी स्नेह को बढ़ावा देने के लिए यह दिन दुनिया भर में मनाया जाता है।
- म्यूजियम सेल्फी डे (Museum Selfie Day): कला और संस्कृति के प्रति युवाओं की रुचि जगाने के लिए आज का दिन (जनवरी का तीसरा बुधवार) खास है।
- इंटरनेशनल स्वेटपेंट्स डे (International Sweatpants Day): आरामदायक कपड़ों के प्रति प्रेम और सादगी को सेलिब्रेट करने के लिए इसे मनाया जाता है।

3. धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व (Religious & Astrological)
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन माघ माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है:
- गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन: आज माघ गुप्त नवरात्रि की तृतीया तिथि है, जिसमें देवी दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूपों की गुप्त आराधना की जाती है।
- लक्ष्मी नारायण योग: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज शुक्र और बुध के संयोग से ‘लक्ष्मी नारायण योग’ बन रहा है, जो आर्थिक समृद्धि और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

4. आज का पंचांग (Panchang: 21 January 2026)
मुख्य विवरण:
- वार: बुधवार
- पक्ष: माघ, शुक्ल पक्ष
- तिथि: तृतीया (आज पूरे दिन और रात रहेगी)
- नक्षत्र: धनिष्ठा (दोपहर 01:58 तक), उसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा।
- योग: व्यतीपात (शाम 06:58 तक), उसके बाद वरीयान योग।
- करण: गर (दोपहर 01:45 तक), फिर वणिज।
समय गणना:
- सूर्योदय: सुबह 07:14 बजे
- सूर्यास्त: शाम 05:51 बजे
- अमृत काल: सुबह 06:15 से 07:44 तक (अत्यंत शुभ)
- राहुकाल (अशुभ): दोपहर 12:33 से 01:52 तक (इस समय शुभ कार्य करने से बचें)
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:27 से 06:20 तक









