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कोलकाता भी रह गया पीछे! आखिर केरल के इस छोटे से शहर ने कैसे चुरा लिया ‘साहित्य का ताज’?

साहित्य का नया सिरमौर: केरल का कोझिकोड बना देश का पहला ‘सिटी ऑफ लिटरेचर’

कोलकाता को पछाड़कर हासिल किया गौरव; यूनेस्को ने दी आधिकारिक मान्यता

भारत की साहित्यिक विरासत ने विश्व पटल पर एक नया इतिहास रच दिया है। केरल के ऐतिहासिक शहर कोझिकोड (पूर्व में कालीकट) को आधिकारिक तौर पर भारत का पहला ‘साहित्य शहर (City of Literature)’ घोषित किया गया है। यूनेस्को (UNESCO) के क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क (UCCN) में शामिल होकर कोझिकोड ने यह मुकाम हासिल किया है।

क्यों खास है यह उपलब्धि?

​कोझिकोड ने यह सम्मान हासिल करने के लिए कोलकाता जैसे समृद्ध साहित्यिक इतिहास वाले शहर को पीछे छोड़ दिया है। नगर निगम की प्रभावी योजना और IIT कालीकट के छात्रों द्वारा तैयार की गई व्यापक शोध रिपोर्ट ने इस गौरव को दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस रिपोर्ट में शहर के पुस्तकालयों, प्रकाशन गृहों और लेखकों के योगदान का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया गया था।

साहित्य की राजधानी की मुख्य विशेषताएं

  • पुस्तकालयों का जाल: शहर में 500 से अधिक पुस्तकालय और 70 से अधिक सक्रिय प्रकाशन गृह हैं।
  • प्रकाशन की शक्ति: यहाँ हर साल लगभग 400 से 500 पुस्तकें प्रकाशित होती हैं।
  • महान लेखकों की कर्मभूमि: यह शहर वैकोम मुहम्मद बशीर, ज्ञानपीठ विजेता एम.टी. वासुदेवन नायर और एस.के. पोट्टक्कड़ जैसे दिग्गजों का घर रहा है।
  • 23 जून: ‘साहित्य शहर दिवस’: केरल सरकार ने घोषणा की है कि हर साल 23 जून को कोझिकोड में ‘साहित्य शहर दिवस’ मनाया जाएगा, जिसमें छह श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे।

सांस्कृतिक और आर्थिक लाभ

​विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैश्विक पहचान से कोझिकोड में साहित्यिक पर्यटन (Literary Tourism) को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवा लेखकों और अनुवादकों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच भी मिलेगा।

​”यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि हमारे लेखकों, सांस्कृतिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। कोझिकोड अब साहित्य के वैश्विक मानचित्र पर चमक रहा है।”

बीना फिलिप, मेयर, कोझिकोड

दुनिया के दिग्गज शहरों में शुमार

इस सम्मान के साथ कोझिकोड अब चेक गणराज्य के प्राग, ब्रिटेन के एडिनबर्ग और इंडोनेशिया के जकार्ता जैसे प्रतिष्ठित साहित्यिक शहरों की कतार में खड़ा हो गया है। कोझिकोड ने यह साबित कर दिया है कि जहाँ पुस्तकें समाज की आत्मा हों, वहाँ विकास बौद्धिक और मानवीय ऊंचाइयों को छूता है।

Ami News
Author: Ami News

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