ठंड और छुट्टियों से पढ़ाई प्रभावित, रासा ने बोर्ड परीक्षाएं 20 दिन टालने की उठाई मांग

जालंधर/पंजाब: मान्यता प्राप्त एवं एफिलेटिड स्कूल एसोसिएशन (रासा) पंजाब ने कड़ाके की ठंड और अत्यधिक छुट्टियों के कारण बाधित हुई शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। रासा के पदाधिकारियों ने सरकार और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से अपील की है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए फरवरी 2026 में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं को कम से कम 15-20 दिनों के लिए स्थगित किया जाए।
छुट्टियों ने बिगाड़ा पढ़ाई का गणित
रासा पंजाब की एक अहम बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए राज्य अध्यक्ष जगतपाल महाजन और राज्य महासचिव सुजीत शर्मा बबलू ने कहा कि ठंड के चलते घोषित लंबी छुट्टियों ने छात्रों की तैयारी पर बुरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में अब तक मुश्किल से 150 दिन भी स्कूल नहीं लग पाए हैं। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’, उसके बाद भारी बारिश और अब शीतकालीन छुट्टियों के कारण लगभग 21-22 दिन स्कूल पूरी तरह बंद रहे।

ऑनलाइन कक्षाओं से गरीब छात्र वंचित
सुजीत शर्मा ने सरकारी छुट्टियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब छुट्टियां घोषित होती हैं, तो स्कूलों में ‘कर्फ्यू’ जैसा माहौल बना दिया जाता है। गरीब परिवारों के छात्रों के पास न तो महंगे लैपटॉप हैं और न ही तेज़ इंटरनेट, जिससे वे ऑनलाइन शिक्षा ले सकें। कई स्कूलों में तो अभी तक प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी आयोजित नहीं हो पाई हैं।

रासा की मुख्य मांगें:
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- प्रयोगी परीक्षाएं: 2 फरवरी से शुरू होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षाओं को मार्च तक टाला जाए।
- लिखित परीक्षाएं: 17 फरवरी से शुरू होने वाली 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को 15-20 दिन आगे बढ़ाया जाए।
- सिलेबस और रिवीजन: छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा करने और दोहराई (रिवीजन) के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।
“लगातार बंद रहे स्कूलों के कारण छात्रों को सिलेबस पूरा करने का अवसर नहीं मिला। परीक्षा स्थगित होने से न केवल शिक्षकों को कोर्स पूरा करने का समय मिलेगा, बल्कि छात्रों को भी मानसिक राहत मिलेगी।” > — जगतपाल महाजन, राज्य अध्यक्ष (रासा पंजाब)

इस बैठक में सीनियर वाइस चेयरमैन सुखविंदर सिंह भल्ला, चीफ एडवाइजर जगजीत सिंह, डॉ. विनोद कपूर सहित विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल और पदाधिकारी मौजूद थे। एसोसिएशन ने जल्द ही इस मांग को लेकर शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन को औपचारिक मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है।








