18 जनवरी: आस्था, उत्साह और बचपन की यादों का संगम

आज 18 जनवरी 2026 है। कैलेंडर का यह पन्ना न केवल सुनहरी ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह है, बल्कि आज का दिन मानवीय एकता, खेल-कूद और साहित्य के अद्भुत मेल का प्रतीक भी है। जहाँ एक ओर दुनिया ‘विश्व धर्म दिवस’ के माध्यम से शांति का संदेश दे रही है, वहीं ‘विश्व हिम दिवस’ बच्चों को प्रकृति से जोड़ रहा है और ‘विन्नी द पूह डे’ हमें बचपन की मासूमियत की याद दिला रहा है।
1. विश्व धर्म दिवस: साझा मानवता और आपसी सौहार्द का संदेश
आज पूरी दुनिया में विश्व धर्म दिवस (World Religion Day) मनाया जा रहा है। इस दिन की शुरुआत 1950 में बहाई समुदाय द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के विभिन्न धर्मों के बीच एकता और समझ स्थापित करना है।
महत्व: आज के दौर में जब दुनिया वैचारिक मतभेदों से जूझ रही है, यह दिन हमें याद दिलाता है कि सभी धर्मों का मूल आधार—प्रेम, करुणा और सेवा—एक ही है। आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न अंतर-धार्मिक (Interfaith) सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोग एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करने और वैश्विक शांति के लिए मिलकर काम करने का संकल्प ले रहे हैं।
2. विश्व हिम दिवस: बर्फ की चादर पर उमंग और उत्साह
दुनिया भर के पर्वतीय और बर्फीले इलाकों में आज विश्व हिम दिवस (World Snow Day) की धूम है। अंतरराष्ट्रीय स्की फेडरेशन (FIS) द्वारा प्रायोजित यह दिन ‘ब्रिंग चिल्ड्रेन टू द स्नो’ अभियान का एक हिस्सा है।
मुख्य गतिविधियां:
- शीतकालीन खेल: आज स्विट्जरलैंड से लेकर कश्मीर के गुलमर्ग तक स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और स्लेजिंग जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
- पर्यावरण जागरूकता: इस दिन का एक बड़ा उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रति बच्चों को जागरूक करना भी है। “यदि बर्फ नहीं बचेगी, तो रोमांच भी खत्म हो जाएगा” के संदेश के साथ बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की सीख दी जा रही है।

धार्मिक दृष्टि से आज, 18 जनवरी 2026, अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि आज ‘मौनी अमावस्या’ (जिसे माघी अमावस्या भी कहा जाता है) मनाई जा रही है।
आज का धार्मिक महत्व:
- मौनी अमावस्या: हिंदू धर्म में माघ महीने की अमावस्या का विशेष महत्व है। माना जाता है कि आज के दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों का जल अमृत के समान हो जाता है।
- मौन व्रत: आज के दिन ‘मौन’ रहने (चुप रहने) का विधान है, जिससे मानसिक शक्ति बढ़ती है और अंतर्मन शुद्ध होता है।
- रवि-मौनी संयोग: आज रविवार होने के कारण इसे ‘रवि-मौनी अमावस्या’ कहा जा रहा है। रविवार सूर्य देव का दिन है और अमावस्या पितरों की, इसलिए आज सूर्य पूजा और पितृ तर्पण दोनों का फल कई गुना बढ़ जाता है।
- पितृ तर्पण: आज के दिन अपने पूर्वजों के निमित्त दान, स्नान और श्राद्ध कर्म करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
आज का पंचांग (18 जनवरी 2026):
- तिथि: माघ कृष्ण पक्ष अमावस्या (देर रात 01:22 AM तक, उसके बाद प्रतिपदा)।
- दिन: रविवार (Ravivara)।
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (सुबह 10:14 AM तक), इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र।
- योग: हर्षण योग (रात 09:11 PM तक), इसके बाद वज्र योग।
- करण: चतुष्पाद (दोपहर 12:16 PM तक), इसके बाद किंस्तुघ्न करण।
- सूर्य और चंद्रमा: सूर्य उत्तरायण में हैं और चंद्रमा शाम 04:41 PM तक धनु राशि में, उसके बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings):
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:27 AM से 06:21 AM तक (स्नान के लिए सर्वोत्तम)।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 PM से 12:53 PM तक।
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 10:14 AM से कल सुबह तक।
अशुभ समय (Inauspicious Timings):
- राहुकाल: शाम 04:30 PM से 06:00 PM तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)।
आज के दिन प्रयागराज के त्रिवेणी संगम या किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य करना आपके लिए सुख-समृद्धि लेकर आएगा।

ऐतिहासिक झरोखा: आज के दिन और क्या हुआ?
18 जनवरी का दिन भारतीय और वैश्विक इतिहास में अन्य कारणों से भी दर्ज है:
- इंदिरा गांधी की विरासत: 1966 में आज ही के दिन इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री चुने जाने के बेहद करीब थीं (अगले दिन शपथ ली)।
- हवाई द्वीप की खोज: 1778 में कैप्टन जेम्स कुक आज ही के दिन हवाई द्वीप समूह पहुँचने वाले पहले यूरोपीय बने थे।
- एक्स-रे का प्रदर्शन: 1896 में आज ही के दिन पहली बार सार्वजनिक रूप से एक्स-रे मशीन का प्रदर्शन किया गया था, जिसने चिकित्सा विज्ञान को बदल दिया।









