गैस और अपच समझकर न करें नजरअंदाज, पेट का कैंसर दे सकता है दस्तक; जानें 5 चेतावनी भरे संकेत

नई दिल्ली: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में रातों-रात नहीं पनपती, बल्कि यह धीरे-धीरे अपने पैर पसारती है। इनमें से पेट का कैंसर (गैस्ट्रिक कैंसर) सबसे ज्यादा छलावा देने वाला माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि अक्सर महिलाएं और पुरुष इन्हें गैस, अपच या सामान्य थकान समझकर टाल देते हैं। यही लापरवाही भारी पड़ती है, क्योंकि समय पर पहचान न होने पर यह कैंसर पेट की अंदरूनी परत से निकलकर लिवर, फेफड़ों और लिम्फ नोड्स तक फैल सकता है।

खतरे की घंटी: इन 5 लक्षणों को कभी न करें इग्नोर
चिकित्सकों के अनुसार, यदि नीचे दिए गए लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो यह सामान्य खराबी नहीं बल्कि गंभीर संकेत हो सकते हैं:
- जल्दी पेट भरना (Early Satiety): अगर आपको थोड़ा सा खाना खाते ही पेट भरा हुआ लगने लगता है या बार-बार डकारें आती हैं और भारीपन रहता है, तो सतर्क हो जाएं।
- नाभि के ऊपरी हिस्से में दर्द: पेट के ऊपरी हिस्से, विशेषकर नाभि के ठीक ऊपर लगातार हल्का या तेज दर्द रहना गैस्ट्रिक कैंसर का मुख्य लक्षण हो सकता है।
- अचानक वजन का गिरना: बिना किसी डाइट प्लान या एक्सरसाइज के अगर शरीर का वजन तेजी से कम हो रहा है, तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें।
- मल के रंग में बदलाव: मल का रंग बहुत गहरा (काला) होना या मल त्याग के समय खून आना पेट के अंदर ट्यूमर या इंटरनल ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है।
- लगातार कमजोरी और थकान: कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा सोख लेती हैं, जिससे व्यक्ति को पर्याप्त आराम के बाद भी हर समय कमजोरी और थकावट महसूस होती है।

विशेषज्ञ की राय > “गैस्ट्रिक कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानना ही इसके इलाज की पहली सीढ़ी है। यदि किसी को अपच या पेट दर्द की समस्या दो हफ्ते से ज्यादा बनी रहती है, तो उन्हें तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।”
बचाव के लिए क्या करें?
- तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
- आहार में ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल करें।
- नियमित रूप से व्यायाम करें और वजन संतुलित रखें।
- धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।









