वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

भारत के शौर्य और संस्कृति का संगम: 15 जनवरी के विविध रंग

भारत के शौर्य और संस्कृति का संगम: 15 जनवरी के विविध रंग

नई दिल्ली | आज का दिन समूचे भारत के लिए गर्व और हर्षोल्लास का दोहरा अवसर लेकर आया है। एक ओर जहाँ देश अपनी सीमाओं के सजग प्रहरियों के सम्मान में 78वां भारतीय सेना दिवस मना रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर से दक्षिण तक फसल उत्सवों की मिठास और उमंग की बयार बह रही है।

1. अदम्य साहस को नमन: राजस्थान के जयपुर में सेना का शक्ति प्रदर्शन

​भारतीय सेना आज अपना 78वां स्थापना दिवस मना रही है। यह दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है, क्योंकि 15 जनवरी, 1949 को ही फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ से भारतीय सेना की कमान संभाली थी।

  • भव्य परेड: दिल्ली से बाहर सेना दिवस मनाने की परंपरा को जारी रखते हुए, इस वर्ष मुख्य परेड का आयोजन राजस्थान के गुलाबी शहर, जयपुर में किया जा रहा है।
  • 2026 की थीम: इस वर्ष सेना “नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता का वर्ष” (Year of Networking and Data Centricity) मना रही है, जो भविष्य के युद्धों के लिए आधुनिक तकनीक और संचार की शक्ति पर जोर देती है।

2. आस्था और परंपरा: खेतों से घर तक उल्लास

​भारत की सांस्कृतिक विविधता आज देखते ही बन रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में प्रकृति और फसल को समर्पित त्यौहारों की धूम है:

  • थाई पोंगल (तमिलनाडु): दक्षिण भारत में आज पोंगल का मुख्य दिन है। लोग मिट्टी के बर्तनों में नए चावल और दूध उबालकर ‘पोंगल’ बनाते हैं और सूर्य देव को अपनी समृद्धि के लिए धन्यवाद देते हैं।
  • मकर संक्रांति व उत्तरायण: उत्तर भारत के घाटों पर पवित्र स्नान का सिलसिला जारी है, वहीं गुजरात और राजस्थान के आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सजे हुए हैं।
  • माघ बिहू (असम): असम में सामुदायिक भोज (उरुका) और पारंपरिक खेलों के साथ बिहू का जश्न मनाया जा रहा है।
  • कनुमा (आंध्र व तेलंगाना): तेलगु राज्यों में आज ‘कनुमा’ का विशेष महत्व है, जहाँ खेती में सहायक पशुधन की पूजा की जाती है।

3. सार्वजनिक अवकाश और जनजीवन

​इन बड़े सांस्कृतिक उत्सवों के सम्मान में आज देश के कई राज्यों में बैंक और सरकारी कार्यालय बंद हैं। तमिलनाडु, असम, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में आज सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जिससे लोग परिवार के साथ उत्सव का आनंद ले सकें।

संपादकीय टिप्पणी: आज का दिन यह याद दिलाता है कि भारत जहाँ एक ओर अपनी तकनीकी और सैन्य शक्ति (सेना दिवस) को आधुनिक बना रहा है, वहीं अपनी जड़ों और मिट्टी की खुशबू (फसल उत्सव) को भी उतनी ही शिद्दत से संजोए हुए है।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!