जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण ने 10 बाढ़ पीड़ित परिवारों को 7.70 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी

जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (DLSA) पठानकोट द्वारा सचिव-सह-सीजेएम रुपिंदर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला व सत्र न्यायाधीश जतिंदर पाल सिंह खुरमी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर पठानकोट जिले के 10 बाढ़ पीड़ित परिवारों को उनके पुनर्वास के लिए 7.70 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि के चेक भेंट किए गए।
सर्वे के आधार पर हुआ चयन
जिला व सत्र न्यायाधीश जतिंदर पाल सिंह खुरमी ने बताया कि बाढ़ के दौरान प्राधिकरण द्वारा न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और पीएलवी (PLV) की विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने जमीनी स्तर पर जाकर ऐसे 10 जरूरतमंद परिवारों की पहचान की, जिन्हें अब तक कोई सरकारी राहत नहीं मिल सकी थी। उन्होंने कहा कि यह राशि इन परिवारों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने और घर बसाने में मदद करेगी।

नि:शुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठाएं
जज खुरमी ने जनहित में जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता भी प्रदान करता है। इसके तहत वकील का सारा खर्च प्राधिकरण द्वारा वहन किया जाता है।
किसे मिल सकती है मुफ्त सहायता?
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के सदस्य।
- औद्योगिक श्रमिक और दिव्यांग व्यक्ति।
- वे लोग जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है।
- जेलों में बंद कैदी।

ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान जिला व सत्र न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित न रहे। इस मौके पर सीनियर सहायक संजय कुमार, पीएलवी विनोद कुमार, पीएलवी जगीर सिंह और पीएलवी बलवान सिंह सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।









