पंजाब के बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ी राहत: RBI ने दिए नए फसल ऋण जारी करने के निर्देश
1,695 गाँवों के किसानों को मिलेगा लाभ; पुराने डिफॉल्ट के बावजूद बैंक देंगे नया कर्ज

पंजाब में पिछले दिनों आई विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे किसानों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने उम्मीद की नई किरण जगाई है। RBI ने सभी बैंकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे राज्य के 1,695 बाढ़ प्रभावित गांवों के किसानों को तुरंत नए फसल ऋण (Fresh Crop Loans) मुहैया कराएं।
डिफॉल्टर किसानों को भी मिलेगी मदद
इस ऐतिहासिक राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें वे किसान भी शामिल किए गए हैं, जो बाढ़ के कारण वित्तीय तंगी के चलते पिछला लोन नहीं चुका पाए थे। आमतौर पर बैंक डिफॉल्ट करने वाले किसानों को नया कर्ज देने में हिचकिचाते हैं, लेकिन RBI ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा को देखते हुए इन किसानों को दोबारा खेती शुरू करने के लिए धन की कमी नहीं होनी चाहिए।

पात्रता की शर्तें और महत्वपूर्ण तारीखें
RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह सुविधा उन किसानों पर लागू होगी:
- जिनके ऋण खाते 28 अगस्त, 2025 से पहले तक ‘रेगुलर’ (नियमित) थे।
- जिन्हें 28 अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा (बाढ़) के कारण नुकसान उठाना पड़ा।
- इसके अलावा, पुराने KMS-टर्म लोन (Kharif Marketing Season) की किस्तों को भी टालने (Moratorium) का विकल्प दिया गया है।
खेती को दोबारा पटरी पर लाने की कवायद
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के अधिकारियों ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य किसानों पर से वित्तीय बोझ को कम करना है ताकि वे आने वाले रबी सीजन के लिए बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक सामग्री जुटा सकें।
विशेषज्ञ की राय: “बाढ़ ने न केवल फसल बर्बाद की बल्कि मिट्टी की उर्वरता पर भी असर डाला है। RBI का यह कदम किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाएगा और उन्हें खेती में निवेश करने के लिए आत्मविश्वास देगा।” — आर.के. मीणा, उप महाप्रबंधक (SLBC)

मुख्य बिंदु: एक नज़र में
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विवरण |
राहत की जानकारी |
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प्रभावित गाँव |
1,695 गाँव |
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समय सीमा |
28 अगस्त, 2025 से पहले के नियमित खाते |
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मुख्य लाभ |
नया फसल ऋण और पुराने टर्म लोन पर स्थगन (Moratorium) |
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किसे मिलेगा लाभ |
बाढ़ पीड़ित और तकनीकी रूप से डिफॉल्ट हुए किसान |









