पाकिस्तानी साजिश: एलओसी पर आग की आड़ में बारूदी सुरंगों को उड़ाने का प्रयास, 6 धमाकों से दहला पुंछ
पुंछ/राजोरी। जम्मू संभाग में सीमा पार से नापाक हरकतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार शाम राजोरी, सांबा और पुंछ में पाकिस्तानी ड्रोनों की घुसपैठ के बाद अब पुंछ के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी विस्फोटों की खबर है। सोमवार को एलओसी पर बिछी करीब छह बारूदी सुरंगों में एक के बाद एक धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल गया।
जंगल की आग बनी धमाकों की वजह
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से जानबूझकर जंगलों में आग लगाई गई, जो धीरे-धीरे भारतीय क्षेत्र के बसूनी जंगल तक फैल गई। दोपहर करीब 1:50 बजे जब आग की लपटें भारतीय सेना द्वारा घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई गई बारूदी सुरंगों तक पहुंचीं, तो उनमें भीषण विस्फोट शुरू हो गए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि सीमावर्ती गांवों में दहशत फैल गई। हालांकि, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।

साजिश के पीछे का मकसद: घुसपैठ का रास्ता साफ करना
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह आग ‘साजिशन’ लगाई गई थी। अक्सर पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठन घुसपैठ की राह आसान करने के लिए इस रणनीति का इस्तेमाल करते हैं:
- सुरंगों को नष्ट करना: आग की चपेट में आकर बारूदी सुरंगें (Landmines) फट जाती हैं, जिससे सीमा पर सुरक्षा घेरा कमजोर हो जाता है।
- धुएं का फायदा: आग से पैदा होने वाले धुएं की आड़ लेकर आतंकी भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश करते हैं।
- सतर्कता: इस बार कम बर्फबारी और बारिश का फायदा उठाकर उस पार से घुसपैठ की कोशिशें तेज कर दी गई हैं, लेकिन भारतीय सेना के जवान पूरी मुस्तैदी से डटे हुए हैं।

प्रमुख बिंदु (Highlights):
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- स्थान: बालाकोट सेक्टर (बसूनी जंगल), पुंछ।
- घटना: आग के कारण 6 बारूदी सुरंगों में विस्फोट।
- पार्श्वभूमि: रविवार को राजोरी और सांबा में देखे गए थे पाकिस्तानी ड्रोन।
- सेना की स्थिति: एलओसी पर हाई अलर्ट, जवान हर गतिविधि पर रख रहे हैं नजर।
संपादकीय नोट: सीमा पार से होने वाली इन गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने राजोरी-पुंछ बेल्ट में सर्च ऑपरेशन और निगरानी और कड़ी कर दी है।









