वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

युवा शक्ति का संकल्प: राष्ट्र निर्माण में विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता

युवा शक्ति का संकल्प: राष्ट्र निर्माण में विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता

नई दिल्ली/शिमला। ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।’ स्वामी विवेकानंद का यह उद्घोष आज भी करोड़ों युवाओं के लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। आज 12 जनवरी को पूरा देश ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ मना रहा है। यह दिन न केवल स्वामी जी के प्रति सम्मान व्यक्त करने का है, बल्कि देश की सबसे बड़ी ताकत यानी हमारी ‘युवा शक्ति’ के सामर्थ्य को पहचानने का भी है।

क्यों मनाया जाता है यह दिन?

​भारत सरकार ने 1984 में स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को विवेकानंद के जीवन और उनके दर्शन से प्रेरित करना है। स्वामी जी का मानना था कि भारत का पुनरुत्थान केवल उसकी युवा पीढ़ी के चारित्रिक बल और आत्म-विश्वास के माध्यम से ही संभव है।

आज के दौर में विवेकानंद के ‘पंच-मंत्र’

​आधुनिक भारत के युवाओं के लिए उनके विचार आज भी मार्गदर्शक हैं:

  • आत्मविश्वास: स्वयं पर विश्वास करना ही ईश्वर पर विश्वास करना है।
  • एकाग्रता: एक समय में एक काम करो और उसमें अपनी पूरी आत्मा डाल दो।
  • निर्भीकता: डर ही सभी दुखों और बुराइयों का मूल कारण है।
  • सेवा भाव: दूसरों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
  • चरित्र निर्माण: केवल किताबी ज्ञान शिक्षा नहीं, बल्कि चरित्र का विकास असली शिक्षा है।

चुनौतियां और अवसर: 21वीं सदी का युवा

​आज का भारतीय युवा ‘डिजिटल क्रांति’ और ‘स्टार्टअप युग’ का नेतृत्व कर रहा है। जहाँ एक ओर स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने नए अवसर पैदा किए हैं, वहीं दूसरी ओर मानसिक स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसी चुनौतियां भी सामने हैं।

विशेषज्ञों का मत:

“आज के युवाओं को स्वामी जी के ‘आध्यात्मिक साहस’ और ‘आधुनिक वैज्ञानिक सोच’ के संतुलन की आवश्यकता है। केवल तकनीक से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों के साथ ही हम ‘विश्व गुरु’ बनने की ओर अग्रसर हो सकते हैं।”

देशभर में कार्यक्रमों की धूम

​राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान, मैराथन, योग सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव’ के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को एक बड़ा मंच प्रदान किया जा रहा है।

युवाओं के नाम संदेश

​इस युवा दिवस पर हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम केवल अपने करियर के बारे में न सोचकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझें। जैसा कि स्वामी जी ने कहा था, “संसार की सबसे बड़ी शक्ति युवा शक्ति है।”

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!