वडोदरा में फिर गरजा ‘किंग’ कोहली का बल्ला: 301 रनों के लक्ष्य को बौना कर भारत ने रचा इतिहास

वडोदरा : वडोदरा के कोसंबी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात दबाव और बड़े लक्ष्य की होती है, तो उनका कोई सानी नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 301 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली की 93 रनों की मैच जिताऊ पारी ने न केवल भारत को जीत दिलाई, बल्कि रिकॉर्ड बुक के पन्ने भी पलट दिए।

प्लेयर ऑफ द मैच का ऐतिहासिक ‘सप्तक’
इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के लिए विराट कोहली को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। यह उनके वनडे करियर का 45वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 71वां प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड था।
- अब वह वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
- उनसे आगे केवल सचिन तेंदुलकर (62) और सनथ जयसूर्या (48) हैं।
- कोहली ने इस मामले में जैक्स कैलिस और रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है।

चेज़ मास्टर: 300+ के लक्ष्य में 121 का औसत
विराट कोहली का बल्ला 300 या उससे अधिक रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय आग उगलता है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगता:
- पारियां: 12
- रन: 1091
- औसत: 121.22
- स्ट्राइक रेट: ~125
- शतक/अर्धशतक: 7 शतक और 2 अर्धशतक
300+ चेज़ में टीम इंडिया ‘विश्व विजेता’
वडोदरा में न्यूजीलैंड को पटखनी देते ही भारतीय टीम वनडे क्रिकेट में 20वीं बार 300+ का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। इस सूची में भारत ने अन्य देशों को काफी पीछे छोड़ दिया है:
|
टीम |
300+ सफल रन चेज़ |
|---|---|
|
भारत |
20 |
|
इंग्लैंड |
15 |
|
ऑस्ट्रेलिया |
14 |
|
पाकिस्तान |
12 |
कीवियों पर भारत का ‘अष्टकोणीय’ वार
न्यूजीलैंड की टीम, जो हाल ही में लगातार 9 वनडे जीतकर आई थी, भारत के सामने बेबस नज़र आई।
- लगातार 8 जीत: 2023 से अब तक भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार 8 वनडे मुकाबले जीते हैं।
- घरेलू दबदबा: भारतीय सरजमीं पर 2017 से अब तक न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की यह लगातार 8वीं जीत है।
- दूसरा सबसे बड़ा चेज़: न्यूजीलैंड के खिलाफ यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा सफल चेज़ (301 रन) रहा। इससे पहले 2010 में बेंगलुरु में 316 रन चेज़ किए गए थे।
निरंतरता का दूसरा नाम: ‘कोहली’
विराट ने इस पारी के साथ ही एक और अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह वनडे क्रिकेट में पांचवीं बार लगातार पांच या उससे अधिक बार 50+ का स्कोर बनाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं। मैच के बाद कोहली ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी फिटनेस और मानसिक दृढ़ता को दिया।

”ईमानदारी से कहूं तो मैं रिकॉर्ड्स का हिसाब नहीं रखता। मैं अपने सारे अवॉर्ड्स गुरुग्राम में अपनी मां को भेज देता हूं, उन्हें इन्हें सहेज कर रखना और देखना अच्छा लगता है।” – विराट कोहली








