न्यूजीलैंड: टॉरंगा में नगर कीर्तन का विरोध, चर्च समूह ने ‘हाका’ डांस कर जताया ऐतराज

टॉरंगा (न्यूजीलैंड): न्यूजीलैंड के टॉरंगा शहर में सिख समुदाय द्वारा आयोजित नगर कीर्तन के दौरान तनाव की स्थिति देखने को मिली। स्थानीय चर्च से जुड़े एक समूह ने सड़कों पर उतरकर नगर कीर्तन का विरोध किया। हालांकि, कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच नगर कीर्तन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन विरोध प्रदर्शन ने धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान पर नई बहस छेड़ दी है।
हाका डांस के जरिए विरोध
नगर कीर्तन जब अपनी निर्धारित रूट पर था, तब चर्च से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक ‘हाका’ डांस (न्यूजीलैंड का युद्ध नृत्य) कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने नगर कीर्तन के दौरान लहराई जा रही तलवारों (कृपाण), सिख प्रतीकों और निशानों (झंडों) पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे देश की संस्कृति के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सिख समुदाय के खिलाफ नारेबाजी भी की और स्थानीय प्रशासन से पूछा कि इस आयोजन को गलियों में निकलने की अनुमति किसने दी।

पुलिस की मुस्तैदी से टला टकराव
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए न्यूजीलैंड पुलिस ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। पुलिस बल की मौजूदगी के कारण दोनों पक्षों के बीच सीधा टकराव नहीं हुआ। नगर कीर्तन के आयोजकों और सिख वॉलंटियर्स ने भी सूझबूझ का परिचय दिया। वॉलंटियर्स लगातार संगत से अपील करते रहे कि वे कतारों में रहें और किसी भी उकसावे में न आएं, जिससे यात्रा शांतिपूर्वक आगे बढ़ती रही।
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सजा नगर कीर्तन
इससे पहले, गुरुद्वारा सिख संगत, टॉरंगा में अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इसके पश्चात सुबह 11 बजे नगर कीर्तन की शुरुआत हुई, जो दोपहर 2 बजे तक चला। गुरुद्वारे में धार्मिक रस्मों के पूरा होने के बाद नगर कीर्तन कैमरून रोड से होते हुए आगे बढ़ा।

मुख्य बिंदु: प्रदर्शनकारियों की आपत्तियां
- हथियारों का प्रदर्शन: प्रदर्शनकारियों ने नगर कीर्तन में पारंपरिक तलवारें लहराने पर विरोध जताया।
- सांस्कृतिक पहचान: स्थानीय समूह का तर्क था कि इस तरह के आयोजन न्यूजीलैंड की मूल संस्कृति को प्रभावित कर रहे हैं।
- प्रशासनिक अनुमति: विरोध करने वालों ने नगर कीर्तन को सार्वजनिक सड़कों पर निकालने की अनुमति पर भी सवाल खड़े किए।









