कनाडा में कबड्डी प्रमोटर पर हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली; मुख्य गुर्गा अमन अमेरिका से भारत डिपोर्ट

नई दिल्ली/ओटावा | कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक कबड्डी लीग प्रमोटर के घर पर हुए हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट के जरिए गोल्डी ढिल्लों (बिश्नोई गिरोह का सदस्य) ने दावा किया कि डेल्टा, सरे में कबड्डी टीम प्रमोटर दविंदर मान के आवास को निशाना बनाया गया। गिरोह का कहना है कि यह हमला जबरन वसूली (extortion) और वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से किया गया था।
स्पेशल सेल की बड़ी कामयाबी: शूटर गिरफ्तार
इस घटनाक्रम के बीच, दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक पेशेवर शूटर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, यह शूटर कबड्डी खिलाड़ियों और खेल से जुड़े व्यापारियों को डराने-धमकाने और उनसे पैसे वसूलने के सिंडिकेट का हिस्सा था। अधिकारियों का मानना है कि बिश्नोई गैंग अब अंतरराष्ट्रीय खेल जगत को डराकर अपना नेटवर्क बढ़ा रहा है।

CBI का एक्शन: अमेरिका से लाया गया इनामी अपराधी अमन
जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता तब मिली जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुख्य सदस्य और भगोड़े अपराधी अमन उर्फ अमन भैसवाल को अमेरिका से भारत वापस लाया गया।
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- ऑपरेशन इंटरपोल: सीबीआई (CBI) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस का उपयोग करते हुए अमन को डिपोर्ट करवाया।
- गिरफ्तारी: अमन 7 जनवरी को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
- आपराधिक रिकॉर्ड: अमन पर हत्या, दंगा फैलाने और आपराधिक साजिश रचने जैसे कई संगीन मामले हरियाणा में दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और विदेश से बैठकर गैंग की गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
अधिकारियों का बयान: “यह गिरफ्तारियां और डिपोर्टेशन संगठित अपराध के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा हैं। विदेश में बैठकर भारतीय नागरिकों को निशाना बनाने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

मुख्य बिंदु:
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- निशाना: दविंदर मान (कबड्डी प्रमोटर, कनाडा)।
- दावा: गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली।
- डिपोर्टेशन: अमन भैसवाल को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया।
- मकसद: खेल जगत में जबरन वसूली का नेटवर्क फैलाना।









