उत्तर भारत में कोहरे की चादर में लिपटे शहर, 5 डिग्री तक लुढ़का पारा

दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और जानलेवा कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बर्फीली हवाओं के प्रहार से मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी राज्यों में गलन पैदा कर दी है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि फिलहाल इस सितम से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
28 दिसंबर तक ‘रेड अलर्ट’, विजिबिलिटी शून्य
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में 28 दिसंबर तक घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। कोहरे के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो गई है, जिससे रेल, हवाई और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

तापमान का ग्राफ: 4.5 डिग्री के साथ बाराबंकी सबसे ठंडा
मैदानी इलाकों में तापमान अब सिंगल डिजिट में सिमट गया है। बीते मंगलवार को उत्तर प्रदेश का बाराबंकी 4.5°C के साथ मैदानी इलाकों का सबसे ठंडा स्थान रहा।
तापमान की स्थिति एक नज़र में:
| पंजाब & हरियाणा | 5°C – 7°C | भीषण शीतलहर |
| दिल्ली-एनसीआर | 6°C – 8°C | घना कोहरा |
| उत्तर प्रदेश | 4.5°C – 9°C | जमा देने वाली ठंड |
| पहाड़ी इलाके | 0°C से नीचे (Minus) | भारी पाला और बर्फबारी |

पहाड़ों पर कुदरत का रौद्र रूप
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में पारा शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। नदियों और झरनों का पानी जमने लगा है। पहाड़ों से आ रही इन सीधी बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। झारखंड और मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी ठंड का व्यापक असर देखा जा रहा है।
IMD की सलाह: “अगले 4-5 दिनों तक सुबह के समय घर से निकलते वक्त अतिरिक्त सावधानी बरतें। कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।”








