बदलेगा इंडियन हैरिटेज स्कूल का स्वरूप: नए प्रिंसिपल सोहन आनंद बोले- ए.आई. लैब, रोबोटिक्स और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग से संवरेगा बच्चों का भविष्य

पठानकोट : इंडियन हैरिटेज स्कूल के नवनियुक्त प्रिंसिपल सोहन आनंद ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्कूल के विकास का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता स्कूल के मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड कर इसे शहर का ‘टॉप-क्लास’ संस्थान बनाना है, जहाँ शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहकर बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बने।
तकनीक और कौशल पर विशेष ध्यान
सोहन आनंद ने बताया कि स्कूल में ए.आई. (AI) और रोबोटिक्स लैब की स्थापना का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही, स्किल-बेस्ड शिक्षा के लिए एक फाइन आर्ट्स डिपार्टमेंट बनाया जा रहा है, जहाँ छात्र मूर्तिकला और पेपर वर्क जैसी कलाओं में निपुण होंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम थ्योरी से ज्यादा प्रोजेक्ट-बेस्ड और डेमोंस्ट्रेटिव शिक्षा पर ध्यान देंगे। बच्चों का ज्यादा समय क्लासरूम के बजाय लैब और फील्ड में बीतेगा।”

व्यावहारिक शिक्षा का अनूठा मॉडल
सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उन्होंने कई नवाचारों की चर्चा की:
लाइव लर्निंग: कॉमर्स के छात्रों को बैंक ले जाकर अकाउंटिंग सिखाई जाएगी।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन: अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) स्कूल आकर बच्चों के साथ अपना अनुभव साझा करेंगे।
सहयोगात्मक दृष्टिकोण: शहर के सभी स्कूलों को साथ लेकर एक कल्चरल फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा, जिसमें डिबेट और ड्रामा प्रतियोगिताओं के जरिए साझा विकास पर जोर होगा।

खेल और डिजिटल क्रांति
स्पोर्ट्स के क्षेत्र में स्कूल जल्द ही एक स्पोर्ट्स एकेडमी स्थापित करने की योजना बना रहा है। शुरुआत के तौर पर 10-15 दिनों का क्रिकेट कैंप लगाया जाएगा, जिसमें पेशेवर क्रिकेटरों को बुलाया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाले एक समझौते की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि स्कूल ने रजिस्ट्रार इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के माध्यम से एक महाविश्वविद्यालय के साथ अनुबंध किया है। इससे डिजिटल टीचिंग के माहौल में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
”मेरा लक्ष्य बच्चों को न केवल शिक्षित करना है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार और हर क्षेत्र में काबिल बनाना है। आने वाले एक साल में स्कूल में बड़े सकारात्मक बदलाव दिखाई देंगे।”
— सोहन आनंद, प्रिंसिपल








