प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले 5 शराब के ठेकों पर नगर निगम का शिकंजा, मौके पर जड़ा ताला

जालंधर | नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के डिफॉल्टरों के खिलाफ अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। कई सालों से टैक्स दबाकर बैठे संस्थानों को अब कोई राहत देने के मूड में निगम प्रशासन नहीं दिख रहा है। इसी कड़ी में वीरवार को निगम की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए शराब के 5 ठेकों को सील कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से शराब कारोबारियों और अन्य बड़े टैक्स डिफॉल्टरों में हड़कंप मच गया है।
कमिश्नर और मेयर के आदेश पर एक्शन
निगम कमिश्नर संदीप ऋषि और मेयर वनीत धीर ने टैक्स वसूली को लेकर कड़े निर्देश जारी किए थे। उनके आदेशों का पालन करते हुए प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट महीप सरीन, राजीव ऋषि और भूपेंद्र सिंह की अगुवाई में विशेष टीमों का गठन किया गया। विभाग के पास उन सभी संस्थानों का पूरा डेटा उपलब्ध है जिन्होंने लंबे समय से टैक्स की अदायगी नहीं की है।

इन इलाकों में हुई कार्रवाई
निगम की टीमों ने पुलिस बल के साथ मिलकर शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में छापेमारी की:
नागरा रोड
लैदर कॉम्प्लेक्स
आदर्श नगर
इन क्षेत्रों में स्थित शराब के 5 बड़े ठेकों को बकाया टैक्स न चुकाने के कारण मौके पर ही सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन संस्थानों को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद इन्होंने टैक्स जमा नहीं कराया।
निगम की चेतावनी: अभी तो शुरुआत है

सुपरिंटेंडेंट महीप सरीन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं। उन्होंने कहा:
”सरकार के पास डिफॉल्टरों की पूरी लिस्ट तैयार है। टैक्स वसूली सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में और भी बड़े संस्थानों पर गाज गिर सकती है। हमारी प्राथमिकता रेवेन्यू जुटाना है ताकि शहर के विकास कार्यों में बाधा न आए।”
बॉक्स: हड़कंप में शराब लॉबी
जैसे ही नागरा रोड और आदर्श नगर में ठेके सील होने की खबर फैली, शहर की शराब लॉबी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई अन्य कारोबारी अब निगम के नोटिसों को गंभीरता से लेने लगे हैं और संभावित कार्रवाई से बचने के लिए निगम कार्यालयों में अपने बकाया टैक्स की जानकारी जुटाने पहुँच रहे हैं।








