गुरहसहाय: पूर्व विधायक और उद्योगपति रमिंदर आवला के घर इनकम टैक्स की रेड, 12 ठिकानों पर जाँच जारी!

फिरोज़पुर, पंजाब। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जाने-माने उद्योगपति रमिंदर आवला के गुरहसहाय स्थित आवास पर बुधवार सुबह इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, यह छापा इनकम टैक्स से जुड़ी अनियमितताओं के संदेह में मारा गया है।
सुबह 6 बजे से शुरू हुई कार्रवाई
गुरहसहाय में पूर्व विधायक रमिंदर आवला के आवास पर आयकर विभाग की टीमें तड़के ही, करीबन सुबह छह बजे पहुँच गईं। तभी से आवास के अंदर छानबीन और जाँच का सिलसिला जारी है।
जाँच का दायरा: जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीमें सिर्फ गुरहसहाय स्थित आवास पर ही नहीं, बल्कि आवला से संबंधित कुल 12 ठिकानों पर पहुँची हैं और वहाँ भी बारीकी से जाँच कर रही हैं।
📑 बिज़नेस और इनकम संबंधी ब्योरे तलब
आयकर विभाग के अधिकारी रमिंदर आवला के बिज़नेस से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेन-देन के ब्योरे, और उनकी इनकम से जुड़े विवरण (details) की माँग कर रहे हैं। अधिकारी इन सभी कागज़ातों की सघनता से जाँच कर रहे हैं ताकि कर चोरी या अघोषित संपत्ति से संबंधित किसी भी सबूत को पकड़ा जा सके।
आवास पर मौजूद नहीं हैं रमिंदर आवला
बताया जा रहा है कि छापे के वक्त रमिंदर आवला खुद अपने गुरहसहाय स्थित निवास पर मौजूद नहीं थे। उनकी गैर-मौजूदगी में विभाग की टीम उनके रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़ी जानकारियाँ जुटाने का प्रयास कर रही है।
🏛️ कौन हैं रमिंदर आवला? – राजनीतिक और सामाजिक परिचय
रमिंदर सिंह आवला पंजाब की राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं।
विधायक: वह इससे पहले जलालाबाद से विधायक रह चुके हैं।
उपचुनाव में जीत: उन्होंने 2019 में जलालाबाद विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की थी। यह सीट सुखबीर सिंह बादल के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी।
2022 चुनाव में हार: हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान
राजनीतिक पहचान के अलावा, रमिंदर आवला एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं।
कन्यादान: वह अपने क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद लड़कियों की शादी करवाने का बड़ा सामाजिक काम करते हैं।

हालिया कार्यक्रम: हाल ही में उनकी तरफ से 216 कन्याओं की शादियाँ करवाई गई थीं। इस कार्यक्रम के दौरान न केवल खाने-पीने का प्रबंध किया गया था, बल्कि नवविवाहित जोड़ों को जरूरत का सामान भी उपहार स्वरूप दिया गया था।

आयकर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई ने स्थानीय राजनीति और व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। विभाग की जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस रेड के पीछे क्या कारण थे और विभाग को क्या मिला है।








