स्कूलों में बम की दहशत: जालंधर में बीच क्लास में छुट्टी, अभिभावक घबराए

पंजाब के जालंधर शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूल प्रिंसिपलों को एक धमकी भरा ई-मेल मिलने के तुरंत बाद, एहतियात के तौर पर स्कूलों में चल रही क्लासेज़ को बीच में ही बंद कर दिया गया और अभिभावकों को तुरंत बच्चों को ले जाने के लिए सूचित किया गया।
सुबह 11 बजे ही हुई छुट्टी, घबराए अभिभावक
सामान्य समय (ढाई बजे) से पहले, सुबह करीब 11 बजे ही अचानक छुट्टी होने से अभिभावकों में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही सभी अपने काम छोड़कर तुरंत बच्चों को लेने के लिए स्कूल पहुंचे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन स्कूलों को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया है, उनमें मुख्य रूप से केएमवी स्कूल (KMV School), सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल (St. Joseph Convent School), आईवी वर्ल्ड स्कूल (IVY World School), और शिव ज्योति स्कूल (Shiv Jyoti School) शामिल हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एंटी-सैबोटेज टीमों (Anti-Sabotage Teams) ने तुरंत स्कूलों में पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया और पूरे परिसर को खंगाला। एहतियाती कदम के तौर पर सभी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई।
एक अभिभावक, सुनील ने बताया: “मेरी बेटी यहीं पढ़ती है। मुझे उसके क्लासमेट के पिता का फ़ोन आया कि कोई मेल आया है। स्कूल में बम प्लांट किया गया है। मैं जल्दी-जल्दी बेटी को लेने स्कूल पहुंचा।”
एक छात्र, समक्ष ने बताया: “हमारा अचानक पीरियड लगा था। अचानक लाइटें बंद कर हमें नीचे बुलाया गया। हमें कहा गया कि कोई इलेक्ट्रिकल इश्यू है। हमें बम की धमकी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। स्कूल में सभी को एक साथ छुट्टी दे दी गई।”

साइबर सेल कर रहा जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर और डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच साइबर सेल की तरफ से की जा रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि अभी तक तलाशी में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। जिन स्कूलों को यह मेल नहीं आया है, वहां भी स्कूल प्रबंधन को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले अमृतसर के भी तीन स्कूलों को उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसकी जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ‘खालिस्तान रेफरेंडम’ ने ली थी। हालांकि, अमृतसर पुलिस भी अभी तक धमकी देने वालों का पता नहीं लगा पाई है।








