नूरपुर के सुखार पंचायत में स्थित प्रसिद्ध श्मशान घाट की भव्यता बनाए रखने के लिए 50 युवाओं ने उठाया स्वच्छता का बीड़ा; प्रधान ने की सराहना।

नूरपुर, कांगड़ा:जिला कांगड़ा के विकासखंड नूरपुर की ग्राम पंचायत सुखार में स्थित श्मशान घाट न केवल अपनी विशालता, बल्कि अपनी भव्यता के लिए भी पूरे जिले में प्रसिद्ध है। लगभग 10 कनाल (Acre) क्षेत्र में फैला यह श्मशान घाट, मुख्य द्वार से प्रवेश करने पर किसी सुंदर पार्क जैसा दिखाई देता है।

इतने विस्तृत मोक्षधाम का रखरखाव पंचायत के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहता है। इसी चुनौती को देखते हुए, ग्राम पंचायत सुखार की प्रधान सोनिका देवी के विशेष आग्रह पर, गाँव के लगभग 50 उत्साही युवाओं ने रविवार को इस मोक्षधाम की स्वच्छता और रखरखाव का बीड़ा उठाया।

युवाओं का श्रमदान
युवाओं ने एकजुट होकर व्यापक श्रमदान किया। उन्होंने श्मशान घाट की क्यारियों से फालतू घास, इधर-उधर बिखरे कचरे, सूखी लकड़ियों और राख को साफ किया और चिन्हित स्थानों पर एकत्रित किया। इस पहल से पूरे परिसर को एक नया रूप मिला।

पंचायत निवासी अश्वनी कुमार ने इस अवसर पर बताया कि गाँव के इन युवाओं ने यह संकल्प लिया है कि अब से वे हर महीने एक बार एकत्रित होकर इस मोक्षधाम की नियमित सफाई करेंगे और इसे हमेशा साफ-सुथरा बनाकर रखेंगे, ताकि इसकी भव्यता बरकरार रहे।
जनसहयोग की आवश्यकता
पंचायत प्रधान सोनिका देवी ने युवाओं की इस पहल की हृदय से सराहना की। उन्होंने कहा कि पंचायत मनरेगा (MGNREGA) के तहत भी इस श्मशान घाट का रखरखाव करती है, लेकिन एक सीमा के बाद मनरेगा के तहत लगातार काम करना उचित नहीं होता। इसलिए, इसकी सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।

इस प्रेरणादायक श्रमदान में स्वर्ण सिंह, जीत सिंह, रविंदर सिंह, देसराज, अशोक कुमार सहित गाँव के लगभग 50 युवा बढ़-चढ़कर शामिल हुए। यह पहल दर्शाती है कि सामुदायिक एकजुटता और श्रमदान से सार्वजनिक स्थलों की देखभाल और रखरखाव कितना प्रभावी हो सकता है।








