पंजाब की राजनीति: कैप्टन अमरिंदर सिंह के 5 अहम बयान

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में राज्य की राजनीति, कांग्रेस पार्टी छोड़ने के कारणों और नवजोत सिंह सिद्धू पर तीखे हमले बोले हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा के भीतर अपने अनुभव और भविष्य की योजना पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी है।
यहां उनके 5 सबसे अहम बयानों का सार दिया गया है:
1. नवजोत सिंह सिद्धू पर तीखा हमला: ‘नॉनसेंस’ और ‘अनस्टेबल’
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत कौर सिद्धू के ₹500 करोड़ वाले बयान को ‘नॉनसेंस’ करार दिया। सिद्धू के आरोपों का जवाब देते हुए कैप्टन ने कहा, “मैंने खजाना बाहर भेजा तो क्या ये वहां बैठे थे। मैं पूछता हूं कि क्या तुम बैठी थी वहां। ये लोग बिना वजह और बेमतलब बोलते हैं।”
उन्होंने सिद्धू दंपति पर हमला बोलते हुए कहा कि डॉ. नवजोत कौर और नवजोत सिंह सिद्धू के बयान केवल बकवास हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हमें चीफ मिनिस्टर बना दो तो हम राजनीति में एक्टिव होने को तैयार हैं? दोनों हसबैंड-वाइफ अनस्टेबल लगते हैं।”
2. कांग्रेस छोड़ने का कारण और आज का पछतावा
कैप्टन ने स्वीकार किया कि उन्होंने कुछ गलतियों के कारण कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी, लेकिन वह आज भी कांग्रेस को मिस करते हैं।
”मैं कभी भी कांग्रेस पार्टी को नहीं छोड़ता। कांग्रेस नेताओं ने मेरे साथ कई काम गलत कर दिए। उन्होंने मेरी बातों को नजरअंदाज किया। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ दी। मैं बीजेपी में हूं, लेकिन आज भी कांग्रेस को मिस करता हूं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक फैमिली की तरह है और जब वह फ़ोन करते थे तो लोग उनसे मिल लेते थे, मगर सिद्धू दंपति के सिस्टम में दोनों नहीं थे।

3. पंजाब में भाजपा-अकाली गठबंधन पर जोर
पंजाब में भाजपा की चुनावी रणनीति पर कैप्टन ने स्पष्ट किया कि अकेले दम पर भाजपा को सफलता नहीं मिलेगी।
”पंजाब में भाजपा और अकाली दल का गुजारा नहीं है।”
”अकेले भाजपा जीत ही नहीं सकती।”
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा पंजाब में अकाली दल से गठबंधन नहीं करती है तो उसका कोई वजूद नहीं है।
4. भाजपा में सुझाव न माने जाने पर निराशा: ‘गार्डनिंग करूंगा’
कैप्टन ने भाजपा में अपने अनुभव को लेकर बेबाकी दिखाई और कहा कि पार्टी में ‘नियम बहुत’ हैं।
”मुझे नहीं लगता एक-दो बार से ज्यादा बार हाईकमान से मिल पाया हूं।”
”वो कुछ नहीं बताते। किसी से कुछ नहीं पूछते।”
उन्होंने यहां तक कहा कि आगामी 2027 पंजाब चुनाव के लिए उनसे एक बार भी नहीं पूछा गया कि कैप्टन साहब किस को कहां से चुनाव लड़वा सकते हैं। अगर उनकी बात या सुझाव नहीं माने गए तो वह राजनीति छोड़कर ‘गार्डनिंग और रीडिंग’ करेंगे, क्योंकि उन्हें दोनों चीजों का शौक है।

5. कांग्रेस के दागी विधायकों पर एक्शन न लेने की मजबूरी
कांग्रेस में रहते हुए अपनी भूमिका पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब में कांग्रेस पार्टी को स्टैंड किया था और दागी विधायकों की लिस्ट बनाकर हाईकमान को सौंपी थी। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने उन पर एक्शन क्यों नहीं लिया, तो कैप्टन ने बेबसी ज़ाहिर करते हुए कहा, “क्या करता? सरकार गिरा देता क्या?”
उन्होंने आखिर में चेतावनी दी कि रियलिटी देखनी चाहिए। कैप्टन के अनुसार, उनके कड़े बोल भाजपा के कई नेताओं को बुरे लगते हैं, लेकिन “यही रियल्टी है और रियल्टी को देखना चाहिए। पंजाब में बीजेपी अकेली चलेगी तो मार खाएगी।








