पठानकोट रोड पर नाजोचक गांव में प्राथमिक विद्यालय के बाहर जलजमाव; ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

पठानकोट जिले के नाजोचक गांव में सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल के मुख्य द्वार के ठीक सामने गंदे पानी का एक बड़ा तालाब (छप्पड़) बन गया है। यह समस्या गांव के घरों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी न होने के कारण पैदा हुई है। स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन ने बार-बार शिकायत की है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और सरकार इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

मुख्य बिंदु
स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिम: स्कूल के प्रिंसिपल (मैडम) ने बताया कि यह गंदा पानी स्कूल के अंदर जा रहा है, जिससे छोटे बच्चों के बीच बीमारियां फैलने का खतरा है।
प्रशासन की अनदेखी: यह रोड ग्रोटे से पठानकोट जाता है और इस पर से कई सरकारी अधिकारी रोज़ाना गुज़रते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

निकासी कार्य में बाधा: स्थानीय निवासी विशाल दास ने बताया कि गंदे पानी की निकासी के लिए सरकार द्वारा भेजी गई जेसीबी मशीन को स्थानीय लोगों के एक समूह ने काम करने से रोक दिया। यह पानी एक पुराने सरकारी तालाब से आता है जिसका इस्तेमाल पहले निकासी के लिए होता था।
स्मार्ट स्कूल की बदहाली: सरकार जहाँ स्कूलों को ‘स्मार्ट’ बनाने का दावा कर रही है, वहीं इस सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल के बाहर की यह दयनीय हालत सरकार के दावों पर सवाल उठाती है।

ग्रामीणों का विरोध: गांव के लोगों का कहना है कि आगामी 14 तारीख को होने वाले चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा, यदि प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी की समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकाला जाता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत इस समस्या का समाधान करने और पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके और बीमारियों का खतरा टल सके।








