हनुमानगढ़ में गरमाया माहौल: एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसान और पुलिस आमने-सामने

हनुमानगढ़, राजस्थान: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक एथेनॉल फैक्ट्री के निर्माण के खिलाफ किसानों का विरोध लगातार उग्र होता जा रहा है। बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें किसानों ने न केवल फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी बल्कि पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की। जवाब में, पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, जिससे कई किसान घायल हो गए। इस बवाल के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
हिंसा और तोड़फोड़: किसानों के एक समूह ने निर्माणाधीन फैक्ट्री की दीवार तोड़ने का प्रयास किया, जिससे माहौल बिगड़ गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई: हिंसा के तुरंत बाद प्रशासन सख्त हो गया है। हनुमानगढ़ के पुलिस अधीक्षक हरीशचंद्र ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
15 महीने से विरोध: किसान पिछले 15 महीनों से हनुमानगढ़ के राठीखेड़ा क्षेत्र में बन रही 450 करोड़ रुपये की इस फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं। उनका मुख्य आरोप है कि यह प्लांट इलाके में प्रदूषण बढ़ाएगा, खेती को नुकसान पहुंचाएगा और भूजल स्तर को प्रभावित करेगा।

🚫 इलाके में धारा 144, इंटरनेट सेवाएं बंद
हिंसक झड़पों के मद्देनजर, प्रशासन ने कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं:
छावनी में तब्दील: विरोध प्रदर्शन के केंद्र टिब्बी कस्बे को गुरुवार को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है। भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई है।
धारा 144 लागू: इलाके में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है, जिसके चलते स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।
इंटरनेट बंद: अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, जिससे छात्रों और व्यापारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद इंटरनेट बंद करने की आवश्यकता पर सवाल उठाया है।
महापंचायत का असर: “फैक्ट्री हटाओ, क्षेत्र बचाओ” संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहा यह विरोध प्रदर्शन बुधवार की महापंचायत के बाद और तेज हो गया।

प्रशासन अब सख्ती से शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है, वहीं किसान फैक्ट्री के निर्माण को रद्द करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।








