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लुधियाना सेंट्रल जेल में ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश: मेडिकल ऑफिसर और टीबी टेक्नीशियन गिरफ्तार, जेल स्टाफ में हड़कंप

लुधियाना सेंट्रल जेल में ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश: मेडिकल ऑफिसर और टीबी टेक्नीशियन गिरफ्तार, जेल स्टाफ में हड़कंप

लुधियाना: सेंट्रल जेल लुधियाना एक बार फिर सुर्खियों में है, और इस बार कारण है जेल के भीतर चल रहा ड्रग सप्लाई का सनसनीखेज रैकेट। पुलिस ने इस बड़ी कड़ी को तोड़ते हुए जेल के मेडिकल विंग के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर कैदियों को प्रतिबंधित ड्रग्स और सामान पहुंचाने के बदले उनके परिवार वालों से ऑनलाइन पेमेंट (UPI) लेते थे।

​ गिरफ्तार हुए ‘सफेदपोश’ और फरार हुआ आधा स्टाफ

​गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डॉ. प्रिंस (मेडिकल ऑफिसर) और जसपाल शर्मा (टीबी टेक्नीशियन) के रूप में हुई है।

​भुगतान का तरीका: ये आरोपी कैदियों के परिवारों से UPI ऐप के जरिए पैसे वसूलते थे।

​अतिरिक्त उगाही: जांच में पता चला कि वे कभी-कभी कैदियों को इलाज के बहाने सिविल अस्पताल रेफर कर अतिरिक्त रकम भी ऐंठते थे।

​हड़कंप: दोनों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही, जेल के मेडिकल विभाग का लगभग आधा स्टाफ अचानक फरार हो गया है। पुलिस अब इस कोण की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या फरार कर्मचारी भी इस ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा थे।

​ ऐसे पकड़ा गया पूरा रैकेट

​जांच अधिकारी एएसआई दिनेश कुमार के अनुसार, इस रैकेट का खुलासा एक नियमित चेकिंग के दौरान हुआ:

​27 अक्टूबर: जेल परिसर की चेकिंग के दौरान कैदियों के पास से 117 ड्रग कैप्सूल और तीन मोबाइल फ़ोन बरामद किए गए थे।

​एफआईआर: डिप्टी सुपरिटेंडेंट जगजीत सिंह की शिकायत पर NDPS एक्ट और प्रिज़न्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।

​कैदियों का खुलासा: पुलिस ने पहले पाँच कैदियों—रवि कुमार, अमनदीप कुमार, अजय कुमार, उबैद मसीह और गुलशन—को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन कैदियों ने ही खुलासा किया कि मेडिकल ऑफिसर और टेक्नीशियन मिलकर जेल के भीतर ड्रग सप्लाई चेन चला रहे थे।

​सर्विलांस और गिरफ्तारी: कैदियों के बयान के आधार पर, पुलिस ने डॉ. प्रिंस और जसपाल शर्मा पर सर्विलांस लगाया और बुधवार को कार्रवाई करते हुए उन्हें दबोच लिया। उनके बैंक खातों में भी संदिग्ध लेनदेन मिले हैं।

​ पहले भी पकड़े गए हैं जेल स्टाफ के लोग

​लुधियाना सेंट्रल जेल में जेल स्टाफ का ड्रग्स सप्लाई में शामिल होना यह पहली घटना नहीं है।

​जनवरी 2024: असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट गगनदीप शर्मा और सतनाम सिंह को इसी तरह के रैकेट में गिरफ्तार किया गया था।

​नवंबर 2023: लाधोवाल थाने में तैनात एक एएसआई को 1 किलो तंबाकू लेकर जेल में घुसने की कोशिश में पकड़ा गया था।

​अक्टूबर 2023: 3rd IRB के एक एएसआई से जेल के अंदर 10 ग्राम ड्रग्स पाउडर और 325 ग्राम तंबाकू बरामद हुआ था।

​अक्टूबर 2023: एक LED टीवी के फ्रेम में छिपाकर ड्रग्स लाने का मामला सामने आया था, जिसका मास्टरमाइंड रिटायरमेंट के करीब एक सीनियर जेल अधिकारी निकला था।

​आगे की जांच जारी: और नामों का हो सकता है खुलासा

​पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच अधिकारी ने संभावना जताई है कि इस नेटवर्क में जेल के और भी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं, और जल्द ही अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।

Ami News
Author: Ami News

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