किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी ने जिलाधिकारी को सौंपा मांग पत्र

पठानकोट । किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के जिलाध्यक्ष सोहन बाबा सिंह और राज्य नेता लखविंदर सिंह वरयाम नंगल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उपायुक्त (DC) पठानकोट को एक मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र में मुख्य रूप से निम्न माँगे शामिल हैं:
कृषि ऋण माफी: किसानों और मजदूरों को दिए गए सभी कृषि ऋणों को पूरी तरह से माफ किया जाए।
बिजली संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए।
बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
कॉरिडोर टैक्स को खत्म किया जाए।
फर्ज़ी केसों को रद्द किया जाए।

सरकारी या निजी ज़मीन पर बसने वाले मजदूरों, किसानों, बेघरों और झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाले गरीब लोगों को बेदखल करने की बजाय उन्हें मालिकाना हक दिया जाए।
फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा: बेमौसम बारिश, कीटों और जानवरों के बड़े पैमाने पर नुकसान के लिए पंजाब सरकार द्वारा घोषित 14,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा तुरंत जारी किया जाए।

महानगरों में काम करने वाले प्रवासी मज़दूरों को पंजाब के लोगों के समान वेतन और अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
जमीन अधिग्रहण को केंद्रीय भू-अधिग्रहण कानून से बाहर रखा जाए।
कमेटी ने जोर देकर कहा कि सरकार को किसानों और मजदूरों की मांगों को प्राथमिकता देनी चाहिए और लोगों को कर्ज मुक्त करके सम्मानजनक जीवन जीने का मौका देना चाहिए।
इस मौके पर प्रमुख रूप से रवि डलहोजी, रामपाल, बलकार सिंह, स्वर्ण सिंह, मन सिंह, रंजीत सिंह, बलविंदर सिंह, श्रवण, रघुवीर सिंह, राजीव सैनी आदि मौजूद थे।








