इन्दौरा स्थित प्रताप वर्ल्ड स्कूल में सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित उत्सव “विरासत” का भव्य आयोजन।

इन्दौरा चनौर स्थित प्रताप वर्ल्ड स्कूल में आज सांस्कृतिक गौरव, परंपराओं और भारतीय मूल्यों के संरक्षण को समर्पित वार्षिक समारोह “विरासत” का भव्य आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों की अनूठी छटा देखने को मिली। इस कार्यक्रम का शुभारंभ चीफ गेस्ट एम• एल• ए• इन्दौरा मलेन्द्र राजन ,गेस्ट ऑफ ऑनर एस डी एम इन्दौरा सुरेन्द्र ठाकुर, स्पेशल गेस्ट डॉ• रूवी शर्मा डायरेक्टर सतलुज वर्ल्ड स्कूल डेरा बस्सी, प्रताप वर्ल्ड स्कूल के अध्यक्ष भरत भूषण महाजन, डाॅ• विशाल महाजन, रिचा महाजन, प्रिंसिपल रेणु परमार व स्कूल कि कार्यकरिणी सभा के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

इस अवसर पर डॉ. विशाल महाजन ने कार्यक्रम की थीम “विरासत – संस्कृति से संस्कार तक” की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा, कला और मूल्यों को संरक्षित करने का संदेश दिया।

समारोह में छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। आए हुए अतिथियों ने भी बच्चों के साथ विभिन्न नृत्यों की कुछ मुद्राएं की जिसमें ,रंगारंग नृत्यों, हिमाचली लोक नृत्य, नाट्य मंचन, देशभक्ति गीतों और पारंपरिक लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति और विविधता को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया। प्रिंसिपल रेणु परमार ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और सम्मान भी प्रदान किए गए।

मुख्य अतिथि ने विद्यालय के शैक्षणिक, खेल, नवाचार एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों एवं अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “विरासत” हर वर्ष छात्रों को अपनी जड़ों को पहचानने और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देती है।

वार्षिक उत्सव “विरासत” के अवसर पर डॉ. रिचा महाजन ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय की असली शक्ति उसकी संस्कारयुक्त शिक्षा, नवाचारपूर्ण सोच और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव में निहित है।

उन्होंने कहा कि “विरासत केवल अतीत की कहानियाँ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए दिशा और प्रेरणा है। हमारे बच्चे जब अपनी संस्कृति और मूल्यों को समझते हैं, तभी वे वैश्विक मंच पर उत्कृष्टता प्राप्त कर पाते हैं।”

डॉ. महाजन ने विद्यालय के संपूर्ण शैक्षणिक वर्ष में छात्रों की उपलब्धियों, शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता का विकास होता है।

उन्होंने विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया कि प्रत्येक बच्चा अद्वितीय है और विद्यालय का उद्देश्य हर विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना है।

अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कार्यक्रम की सफलता के लिए संपूर्ण टीम को बधाई दी। अंत में स्कूल कि प्रिंसिपल रेणु परमार ने वार्षिक उत्सव “विरासत” में आए हुए अभिभावकों एवं अतिथियों का सहृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपकी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ाया है।
हमारे बच्चों को जो प्रोत्साहन और स्नेह आप सभी ने दिया, वह उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाला है।

मैं मंच के सभी अतिथियों, अभिभावकों, अध्यापकों और हमारे परिश्रमी विद्यार्थियों के उत्कृष्ट सहयोग के लिए तहे-दिल से आभार व्यक्त करती हूँ।
आप सभी के सहयोग और विश्वास के बल पर ही हमारा विद्यालय निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है।








