पंजाब में रोडवेज की हड़ताल: आधार कार्ड पर मुफ्त सफर करने वालों को मुश्किल, 20 से अधिक यूनियन नेता गिरफ्तार

पंजाब में आज सरकारी बसों में आधार कार्ड के जरिए मुफ्त सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। दरअसल, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारी एक बार फिर हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके चलते पूरे पंजाब में बस डिपो बंद कर दिए गए हैं।
यूनियन ने यह हड़ताल किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों के लिए टेंडर खोले जाने के विरोध में बुलाई है। इस कारण राज्य भर में बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, और आम जनता को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विरोध और गिरफ्तारी
यूनियन के अनुसार, कर्मचारियों और नेताओं की गिरफ्तारियां कल (गुरुवार) शाम को ही शुरू हो गई थीं, जिससे तनाव और बढ़ गया है। आज (शुक्रवार) सुबह तक अमृतसर समेत पूरे राज्य में पनबस और पीआरटीसी यूनियन नेताओं की गिरफ्तारियां जारी रहीं।
पुलिस ने राज्य संयुक्त सचिव जोध सिंह, राज्य महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों, बलजीत सिंह गिल, बलविंदर सिंह रत्त, गुरप्रीत सिंह (मुक्तसर), बरनाला डिपो के तीन प्रमुख नेता, फरीदकोट डिपो के तीन नेता और श्री मुक्तसर साहिब के प्रतिनिधियों सहित 20 से अधिक यूनियन नेताओं को गिरफ्तार किया है।

हड़ताल का कारण
यूनियन ने बताया कि आज पनबस में किलोमीटर स्कीम के तहत निजी स्वामित्व वाली बसों के लिए टेंडर खुलने थे। यूनियन ने पहले ही इस स्कीम का कड़ा विरोध करने की घोषणा की थी और टेंडर प्रक्रिया के दौरान गेट रैली कर तुरंत बंद का आह्वान किया था।
यूनियन का आरोप है कि यह योजना परिवहन विभाग के धीरे-धीरे निजीकरण की ओर एक कदम है, जो कर्मचारियों के भविष्य के लिए खतरा पैदा कर रही है।
यूनियन का बड़ा फैसला
गिरफ्तारियों के विरोध में, पनबस और पीआरटीसी यूनियनों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूरे पंजाब के सभी डिपो बंद करने की घोषणा की है। इस वजह से पूरे राज्य में बस सेवाएं ठप हो गई हैं।

यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार किए गए यूनियन नेताओं को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो वे और भी कड़ा, राज्य-स्तरीय आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
जनता को सलाह: इस हड़ताल के चलते यात्रियों से अपील है कि वे यात्रा करने से पहले बस सेवाओं की जानकारी अवश्य लें








