लुधियाना देहाती में अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़, 25 मरीज रेस्क्यू; दो संचालक गिरफ्तार

लुधियाना देहाती: लुधियाना देहाती पुलिस के थाना दाखा क्षेत्र में एक अवैध नशा मुक्ति (रिहैब) केंद्र का भंडाफोड़ किया गया है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने दाखा गाँव में गैरकानूनी रूप से चलाए जा रहे इस केंद्र से लगभग 25 मरीजों को रेस्क्यू किया है।

🚨 अमानवीय स्थितियां और कार्रवाई
शिकायतकर्ता से मिली जानकारी के अनुसार, यह केंद्र अवैध तरीके से चलाया जा रहा था और मरीजों को बहुत ही गंदी और अस्वच्छ (अन-हाइजीनिक) परिस्थितियों में रखा गया था।
उन्हें खाने-पीने और रहने-सहने की बहुत ही खराब व्यवस्था थी, और उनका सही तरीके से इलाज भी नहीं किया जा रहा था।
मरीजों को एक बंद कमरे में बाहर से ताला लगाकर रखा गया था, जिससे उनकी स्थिति अंदर काफी खराब थी।
कई मरीजों के शरीर पर गहरे घाव थे, लेकिन उनकी कोई देखभाल नहीं की जा रही थी।
इसके अलावा, केंद्र को चलाने के लिए सरकारी परमिशन या कोई प्रमाणित दस्तावेज़ मौके पर नहीं पाया गया।

🤝 संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना के बाद, पुलिस ने सिविल सर्जन, लुधियाना को एक पत्र लिखा, जिसके बाद तीन डॉक्टरों की एक टीम का गठन किया गया।
डॉक्टर हरकमल कौर, डॉक्टर विनोद कुमार, और दविंदर सिंह की इस टीम ने पुलिस पार्टी के साथ मिलकर संयुक्त रेड की।
रेस्क्यू किए गए सभी 25 मरीजों को ताला तोड़कर बाहर निकाला गया और मेडिकल चेकअप के लिए सिविल अस्पताल जगराओं ले जाया गया।

वहाँ डॉक्टरों द्वारा उनकी आगे की देखभाल की जा रही है, जिसमें ज़रूरत के अनुसार दवाइयाँ देना और एडमिट करना शामिल है।
👨⚖️ दो संचालकों पर मामला दर्ज
अवैध केंद्र चलाने वाले दो संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
हरदीप सिंह उर्फ दीपा (सन ऑफ हरपाल सिंह, चकला)
जोगिंदर सिंह (सन ऑफ कृपाल सिंह, बत्ती जलाल दाखा)
इन दोनों पर लोगों को धोखे में रखने, उनसे पैसे ऐंठने (IPC 420), और उन्हें बंधक बनाकर रखने (IPC की संबंधित धाराएं) के तहत पर्चा दर्ज किया गया है।
पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
📣 जनता से अपील
पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर उनके परिचितों में कोई नशा करने का आदी है, तो उसे सरकारी हॉस्पिटल या सरकार द्वारा प्रमाणित नशा मुक्ति केंद्रों में ही भर्ती कराएँ।
किसी के बहकावे या धोखे में आकर ऐसे अवैध केंद्रों में न जाएँ, जहाँ नशा तो नहीं छूटता, बल्कि मरीज का और नुकसान हो सकता है।








