शहर में कई स्कूल बसों की चेकिंग, चालान काटे गए और चेतावनी दी गई

स्थानीय यातायात पुलिस ने माननीय न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ‘सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी’ (Safe School Vahan Policy) के तहत स्कूली बसों की चेकिंग की। चेकिंग के लिए सड़कों पर नाका लगाया गया था।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि उन्होंने संतदीपनी स्कूल, क्राइस्ट द किंग और सेंट जोसेफ स्कूल सहित कई स्कूलों की बसों की जाँच की।
मुख्य अनियमितताएं और समस्याएं
चेकिंग के दौरान बसों में कई कमियाँ पाई गईं, जिनमें शामिल हैं:
वर्दी का उल्लंघन: ड्राइवर के लिए निर्धारित स्कूली यूनिफॉर्म का न होना।
सुरक्षा किट: बसों में फर्स्ट एड किट का न होना।
क्षमता से अधिक यात्री: ओवर कैपेसिटी (ओवरलोडिंग)।
रंग: बसों का रंग निर्धारित सफेद के बजाय कोई और रंग होना।
दस्तावेजों में कमी: बसो के दस्तावेज़ों में भी कई कमियाँ पाई गईं।

प्रशासन की कार्रवाई और निर्देश
अधिकारियों ने इन कमियों के लिए छोटे-छोटे चालान काटे और स्कूलों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए एक तरह से जागरूकता अभियान चलाया है।
क्राइस्ट द किंग स्कूल के संबंध में खास तौर पर यह बात सामने आई कि स्कूल की बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं, जिससे आम जनता और अभिभावकों को काफी परेशानी होती है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी (लगभग 10-15 दिन पहले) इस स्कूल की 16 बसों का चालान किया था और स्कूल प्रशासन से बात की थी।

स्कूल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि छुट्टी के समय बसों को स्कूल के अंदर कर लिया जाता है ताकि बच्चों को स्कूल परिसर से ही चढ़ाया और उतारा जा सके, और वे बच्चों को बाहर सड़क पर ड्रॉप या पिक नहीं करते हैं।
सभी स्कूलों से अपील
यातायात अधिकारियों ने सभी स्कूल प्रशासनों से अपील की है कि वे ‘सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी’ के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करें। ये नियम ऑनलाइन Google पर भी उपलब्ध हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि सभी स्कूल इन मानदंडों को पूरा करें, ताकि सरकार या किसी व्यक्तिगत नागरिक को किसी भी तरह का नुकसान न हो।








