पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा, अवैध माइनिंग का मामला विधानसभा में उठाएंगे, सड़कों पर उतरेगी भाजपा। कथलौर पुल को ख़तरे पर जताया सवाल।

पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने पठानकोट जिले में रावी दरिया में हो रहे अवैध खनन को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को अश्वनी शर्मा ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कथलौर और गांव गज्जू जगीर में रावी दरिया से सटे इलाकों में हो रहे अवैध खनन का दौरा किया और सरकार पर सीधा निशाना साधा।

‘बाढ़ भी सरकार के भ्रष्टाचार का जरिया’
पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में बाढ़ भी सरकार के भ्रष्टाचार का जरिया बन गई है। इस मौके पर उन्होंने घोषणा की कि अवैध माइनिंग का यह गंभीर मामला जल्द ही विधानसभा में उठाया जाएगा और भाजपा इसके विरोध में सड़कों पर उतरेगी।

उन्होंने कहा, “जिसकी खेत, उसकी रेत” की आड़ में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ से जिनकी छतें टूटी हैं, वे भले ही टोकरी लेकर रेत निकालें, लेकिन यहां पर पोकलेन मशीनें लगाकर दो रावी बना दी गई हैं।

पुल की सुरक्षा पर सवाल, प्रशासन की मिलीभगत का आरोप
पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रधान नेता ने अवैध खनन में सरकार और प्रशासन की मर्जी के बिना काम न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अवैध माइनिंग में लिप्त लोगों की पहचान होनी चाहिए और उनसे सवाल पूछा जाना चाहिए।

पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रधान
अश्वनी शर्मा ने कथलौर पुल के पास 50 मीटर की दूरी पर अवैध माइनिंग शुरू होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, पुल देश की संपत्ति होते हैं और यह पुल जम्मू-कश्मीर के साथ पंजाब को जोड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि अवैध माइनिंग के कारण बाढ़ में यह पुल बचेगा या नहीं, लेकिन सरकार चुप बैठी है।

माइनिंग पॉलिसी और राजस्व पर सवाल
अश्वनी शर्मा ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि अवैध खनन वाली जगह पर 20 फुट नीचे से एक मृत व्यक्ति मिला, जिसका कोई पोस्टमार्टम नहीं हुआ और न ही कोई एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे और पुलिस के बल पर जबरदस्ती माइनिंग की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अवैध माइनिंग बंद कर एक नई माइनिंग पॉलिसी लाकर 20 हजार करोड़ का राजस्व इकट्ठा करने का दावा किया था, लेकिन वह राजस्व कहाँ है? उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व आ रहा है, लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि यह कहाँ जा रहा है।

शर्मा ने यह भी कहा कि अवैध माइनिंग से बॉर्डर से सटे सभी जिलों में जमीन और प्रकृति का नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को फायदा पहुँचाने के लिए सेंक्चुरी और सरकारी जमीनों को उखाड़ लिया गया है और इसका जवाब सरकार को देना होगा।








