सुरक्षा हाई अलर्ट: दिल्ली धमाके के बाद अयोध्या में कड़े इंतज़ाम

दिल्ली में हालिया आतंकी धमाके और फरीदाबाद में एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश होने के बाद, अयोध्या में 25 नवंबर को राम मंदिर परिसर में होने वाले भव्य ध्वजारोहण समारोह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई शीर्ष राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी, जिसके चलते सुरक्षा घेरा अभेद और चाक-चौबंद कर दिया गया है।
सुरक्षा को लेकर ट्रस्ट का बड़ा फैसला
इस संवेदनशील स्थिति के मद्देनज़र, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा करने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला यह लिया गया है कि समारोह के दिन मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
ट्रस्ट के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया, “सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और वीवीआईपी सुरक्षा मानकों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। 25 नवंबर को समारोह के दौरान, आमंत्रित वीवीआईपी से लेकर अन्य सभी मेहमानों को मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक या निगरानी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है।”

चप्पे-चप्पे पर सख्त निगरानी
अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था अब केवल मंदिर निर्माण स्थल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राम जन्मभूमि परिसर और इसके आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।
- बढ़ी हुई पेट्रोलिंग: शहर के प्रवेश द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ा दी गई है।
- सर्विलांस में वृद्धि: सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है, ताकि हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नज़र रखी जा सके।
- इंटेलिजेंस नेटवर्क सक्रिय: खुफिया एजेंसियों के नेटवर्क को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है, खासकर पड़ोसी राज्यों और संवेदनशील क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि समारोह की गरिमा और देश की वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए, सभी व्यवस्थाएं उच्चतम स्तर की रखी गई हैं। ध्वजारोहण समारोह, राम मंदिर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसे लेकर देश भर में उत्साह का माहौल है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह के जोखिम को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहती हैं। अतिथियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अपनी निजी वस्तुओं को कार्यक्रम स्थल से बाहर ही रखें, जिससे सुरक्षाकर्मियों को अपना काम करने में सहूलियत हो।








