4 शहरों में एक साथ ब्लास्ट करने की थी साजिश

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए बम धमाके की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों को अब यह बड़ी जानकारी मिली है कि आतंकियों का असली प्लान केवल दिल्ली को नहीं, बल्कि देश के चार बड़े शहरों को एक साथ निशाना बनाना था।
- चार शहरों का था टारगेट: सूत्रों के मुताबिक, करीब 8 संदिग्ध आतंकियों ने मिलकर यह भयावह योजना बनाई थी।
- चार टीमें थीं तैयार: उन्होंने चार अलग-अलग शहरों में हमले के लिए चार टीमें (ग्रुप) बनाई थीं।
- 2-2 सदस्य प्रति टीम: हर ग्रुप में दो-दो सदस्य शामिल थे और उनके पास कई IED (Improvised Explosive Devices) यानी विस्फोटक रखे जाने थे।
- एक ही समय पर धमाके: योजना के अनुसार, ये सभी टीमें एक ही समय पर चारों शहरों में ब्लास्ट करने वाली थीं।
फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इन सभी संदिग्ध आतंकियों के नेटवर्क, कॉल डिटेल्स और कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि इस पूरे आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जा सके।

भयावह मंजर: लाजपत राय मार्केट तक मिले मानव अंग
दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ यह धमाका इतना भयावह था कि इसका असर दूर तक देखा गया।
- दूर तक गिरे बॉडी पार्ट्स: ब्लास्ट के तीन दिन बाद, यानी 13 नवंबर को भी पुलिस को लाल किला से कुछ दूरी पर मानव अंग (बॉडी पार्ट्स) मिले हैं। धमाका इतना जोरदार था कि शरीर के टुकड़े लाजपत राय मार्केट में भी पाए गए, यहां तक कि एक तीन मंजिला जैन मंदिर की इमारत को पार कर गए।
- DNA टेस्टिंग: इन बॉडी पार्ट्स को रिकवर करके DNA टेस्टिंग के लिए भेजा गया है ताकि अज्ञात मृतकों की पहचान की जा सके और उनके शव परिजनों तक पहुंचाए जा सकें।

🚨 डॉ. उमर ही था कार ड्राइवर, DNA रिपोर्ट से पुष्टि
जांच में यह भी कन्फर्म हो गया है कि ब्लास्ट के वक्त i20 कार चला रहा शख्स कोई और नहीं, बल्कि डॉ. उमर ही था।
- हड्डियों और दांतों का मैच: जांच एजेंसियों ने डॉ. उमर की मां के DNA सैंपल्स का i20 कार से मिली हड्डियों और दांतों के साथ टेस्ट कराया, जो पूरी तरह मैच हो गए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया सच
इस धमाके में कुल 12 लोगों की मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने धमाके की भयावहता को उजागर किया है:
- गंभीर आंतरिक चोटें: मृतकों की हड्डियां टूट गईं, सिर पर गहरी चोटें थीं। ब्लास्ट की लहरों से आंतें और फेफड़े फट गए, और कई लोगों के कान के पर्दे भी फट गए।
- दीवारों से टक्कर: रिपोर्ट में सामने आया कि धमाके के बाद शरीर दीवारों से टकराए, जिससे और गंभीर चोटें आईं।
- मौत का कारण: कई लोगों की मौत अत्यधिक खून बहने (ब्लीडिंग) की वजह से हुई।
अगला कदम: आतंकी नेटवर्क को खत्म करना
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे आतंकी नेटवर्क को खत्म करने और बाकी संदिग्धों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। जांच टीमें देश के चारों शहरों में हुए संदिग्ध मूवमेंट और CCTV फुटेज की भी बारीकी से जांच कर रही हैं।








