ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रेगाबालिन दवा के खुले उपयोग पर प्रतिबंध

पठानकोट, 11 नवंबर 2025 – प्रेगाबालिन के फ़ॉर्मूले के तहत बनी दवा, जिसे मादक (नारकोटिक) या मनोविज्ञानिक पदार्थों के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है, उसकी दुरुपयोग को रोकने के लिए खुले में बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस दवा को बेचने के लिए डॉक्टर की सिफ़ारिश के साथ-साथ इसका सारा रिकॉर्ड रखना आवश्यक है।
ज़िला मजिस्ट्रेट पठानकोट, डॉ. पल्लवी, आई.ए.एस., द्वारा जारी आदेशों में उन्होंने कहा कि कैप्सूल/टैबलेट के रूप में 150 मिलीग्राम और 300 मिलीग्राम वाले प्रेगाबालिन के फ़ॉर्मूले के सार्वजनिक रूप से दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। कई लोग इस फ़ॉर्मूले की दवा के आदी हो रहे हैं, जबकि डॉक्टर अक्सर ड्रग प्रेगाबालिन 150mg/300mg का नुस्खा नहीं देते हैं। यहाँ तक कि न्यूरोलॉजिस्ट/ऑर्थोपेडिशियन भी सिर्फ़ 75 मिलीग्राम ड्रग प्रेगाबालिन का नुस्खा दे रहे हैं।

ज़िला मजिस्ट्रेट पठानकोट, डॉ. पल्लवी, आई.ए.एस., ने भारतीय नागरिक सुरक्ष संहिता, 2023 की धारा 163 बी.एन.एस.एस. के तहत आदेश दिए हैं कि इस फ़ॉर्मूले के 75 मिलीग्राम से अधिक कैप्सूल/टैबलेट के भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता, केमिस्ट/मेडिकल स्टोर के मालिक, अस्पतालों के अंदर की फ़ार्मेसी या कोई भी अन्य व्यक्ति प्रेगाबालिन 75 मिलीग्राम को मूल पर्ची के बिना नहीं बेचेगा।
- इसके अलावा, 75 मिलीग्राम तक की खरीद और बिक्री का सही रिकॉर्ड रखेंगे।
- सभी विक्रेता पर्ची की सही जाँच करके यह सुनिश्चित करेंगे कि बेची जा रही गोलियों/कैप्सूल की संख्या नुस्खे की ज़रूरत से अधिक न हो।

यह आदेश 7 नवंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा।








