लोन चुकाने के 7 दिन के भीतर गहने वापस नहीं मिलने पर बैंक देगा ₹5000/दिन का मुआवजा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों और निवेशकों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब तक जहां सिर्फ सोने के गहनों या सिक्कों पर ही लोन मिल पाता था, वहीं अब चांदी (Silver) को भी गिरवी रखकर लोन लेने का रास्ता खुल गया है। RBI ने पहली बार “Reserve Bank of India (Lending Against Gold and Silver Collateral) Directions, 2025” नाम से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।

चांदी बनेगी नकदी का जरिया
RBI के इस फैसले से लाखों छोटे निवेशकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी, जिनके पास सोना नहीं है, लेकिन चांदी के गहने या सिक्के हैं। अब कॉमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, रीजनल रूरल बैंक, कोऑपरेटिव बैंक, और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी चांदी पर लोन दे सकेंगी।
कितनी मिलेगी लोन राशि और क्या होगी सीमा?
लोन की राशि गिरवी रखे गए गहनों या सिक्कों की वैल्यू पर निर्भर करेगी।
- ₹2.5 लाख तक के लोन पर वस्तु की वैल्यू का 85% तक राशि मिलेगी।
- ₹5 लाख से अधिक के लोन पर यह राशि 75% तक मंजूर होगी।
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धातु का प्रकार |
अधिकतम मात्रा की सीमा |
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सोने के गहने |
1 किलोग्राम तक |
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चांदी के गहने |
10 किलोग्राम तक |
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सोने के सिक्के |
50 ग्राम तक |
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चांदी के सिक्के |
500 ग्राम तक |
ध्यान दें: RBI ने स्पष्ट किया है कि गोल्ड या सिल्वर बुलियन (bricks/bars), ETF, म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश उत्पादों के रूप में सोना या चांदी गिरवी नहीं रखी जा सकेगी।

ग्राहकों के लिए सख्त नियम
RBI ने ग्राहकों के हित में एक सख्त प्रावधान जोड़ा है। बैंक को लोन पूरा चुकाने के 7 कार्य दिवसों के भीतर गिरवी रखे गहने या चांदी ग्राहक को वापस करनी होगी। देरी होने पर बैंक को उधारकर्ता को ₹5000 प्रति दिन का मुआवजा देना होगा।
अगर ग्राहक लोन नहीं चुका पाता है, तो बैंक या NBFC गहनों की नीलामी (Auction) कर सकती है, लेकिन नीलामी से पहले नोटिस देना अनिवार्य होगा। नीलामी की रिज़र्व प्राइस वस्तु की वैल्यू के कम से कम 90% पर तय की जाएगी।








