वृद्ध आश्रम ने एक और बुजुर्ग माता को दिया सहारा

पठानकोट:आदर्श वृद्ध आश्रम, झाखोलारी, पठानकोट ने एक और बुजुर्ग माँ को सहारा दिया। यह माता तारा रानी, पत्नी गुरदेव सिंह, निवासी – मलिकपुर, पठानकोट, उम्र 80 वर्ष की हैं।
उन्होंने बताया कि उनका एक बेटा है, लेकिन वह उन्हें अपने ही घर में नहीं रखता। माता ने बताया कि उनका बेटा नशा करके उन्हें बहुत पीटता है और उनके सारे पैसे छीन लेता है। वह उन्हें खाने के लिए रोटी तक नहीं देता और न ही दवाई के लिए पैसे देता है।

बातचीत के दौरान यह पता चला कि माता लोगों के घरों में मांगकर गुजारा करती थीं। उन्होंने कहा कि अब वह चलने में असमर्थ हैं और उनकी सेहत भी ठीक नहीं है, उन्हें धुंधला दिखाई देता है। अधिक उम्र के कारण वह अब अपना ध्यान खुद नहीं रख सकतीं। उन्होंने आश्रम से कहा, “हम बहुत उम्मीद के साथ आपके वृद्ध घर आए हैं। हमें आपके सहारे की जरूरत है। आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन है कि माता को सहारा दिया जाए, ताकि माता जीवन का अगला सफर यहीं बिता सकें।”
आश्रम प्रबंधन का सकारात्मक रुख
सारी बात सुनने के बाद, आश्रम सुपरिंटेंडेंट मैडम अंजलि शर्मा ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “यदि परमात्मा एक दरवाजा बंद करता है तो दूसरा वह खुद ही खोलता है। जो कुछ भी इनके साथ हुआ है, यह सब पहले से ही तय है। हम अपने पिछले कर्मों का ही फल भोग रहे हैं।”
सुपरिंटेंडेंट मैडम अंजलि शर्मा और आश्रम प्रधान सतनाम सिंह ने पूरी बात सुनने के बाद माता को वृद्धाश्रम में रहने की अनुमति दे दी।

इस अवसर पर प्रधान सतनाम सिंह और आश्रम स्टाफ के सदस्य स्विता, रूप रानी, राज रानी, रमेश चंद्र, कमलेश, बलदेव राज, किरण कुमार, आदि उपस्थित थे।








