संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा मांग पत्र सौंपा गया

पठानकोट: आज संयुक्त किसान मोर्चे (SKM) द्वारा उपायुक्त (DC) पठानकोट के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौंपा गया।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जम्हूरी किसान सभा की ओर से बलवंत घो, ऑल इंडिया किसान सभा की ओर से परषोत्तम कुमार, भारतीय किसान यूनियन राजेवाल की ओर से केवल सिंह कंग, और राजिंदर सिंह बाजवा तथा आई.एस. गुलाटी ने किया।
इस अवसर पर उनके साथ चमन लाल, दर्शन सिंह, जसवंत सिंह, बलविंदर सिंह, दर्शन जेनी और अन्य नेता भी मौजूद थे।

मुख्य माँगे और समस्याएँ
नेताओं ने बताया कि इससे पहले भी 8 अक्टूबर को एक मांग पत्र दिया गया था। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अगस्त और सितंबर के महीनों में बाढ़ के कारण किसानों की फसलें तबाह हो गईं।

- फसलें बर्बाद हो गईं।
- इंसानों की मौतें हुईं, पशु बह गए।
- घर ढह गए हैं।
- जमीनें दरिया बुर्द (नदी द्वारा बहा दी गईं/क्षतिग्रस्त) हो गईं हैं, खेतों में गाद (मिट्टी का जमाव) आ गई है और फसलें बर्बाद हो गई हैं।
- बारिशों के अलावा, धान (झोना) में तना छेदक (तना सुंडी) और बौना रोग लग गया है, जिससे पैदावार कम हो गई है।
- खादें (उर्वरक) नहीं मिल रही हैं।
- पराली जलाने से संबंधित मामलों में सरकार द्वारा मशीनरी नहीं मिलने के कारण किसानों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

प्रमुख माँगे
नेताओं ने माँग की कि:
- बाढ़ की पक्की रोकथाम की जाए।
- बिजली संशोधन बिल 2025 रद्द किया जाए।
- कम पैदावार की पूर्ति की जाए।
- DAP खाद का मिलना सुनिश्चित किया जाए।
- गन्ने के बकाया भुगतान जल्दी किए जाएं।
- रेल रोको आंदोलन के दौरान किसानों पर बने मामले रद्द किए जाएं।








