हिमाचल: कांगड़ा और चंबा में NSO का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण शुरू, पलायन और रोजगार पर जुटेगा सटीक डेटा
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), धर्मशाला द्वारा नवंबर माह के दौरान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा जिलों के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रोजगार, पलायन के कारणों, घरेलू आय, ऋण एवं निवेश की स्थिति और असंगठित क्षेत्र के उद्यमों से जुड़ा प्रामाणिक डेटा एकत्र करना है। एनएसओ धर्मशाला उप-क्षेत्रीय कार्यालय की सहायक निदेशक सिमरन के अनुसार, प्रशिक्षित अधिकारियों की टीमें चयनित इलाकों में जाकर फील्डवर्क संपन्न करेंगी। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े सरकार के लिए नई नीतियां बनाने, मौजूदा विकास योजनाओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करने तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का सटीक आकलन करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेंगे।
सर्वेक्षण के तहत विभिन्न श्रेणियों में आंकड़े जुटाने के लिए विशेष सैंपल यूनिट्स का चयन किया गया है। ‘पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे’ (PLFS) के जरिए रोजगार और बेरोजगारी के मौजूदा रुझानों को मापने के लिए कांगड़ा के 8 गांवों और चंबा के 4 गांवों सहित कुल 20 सैंपल यूनिट बनाई गई हैं, जिनमें धर्मशाला, कांगड़ा, चंबा, बकलोह, चुआरी खास और डलहौजी छावनी जैसे शहरी क्षेत्र भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, ‘प्रवासी सर्वेक्षण’ के अंतर्गत कांगड़ा के घुरकाड़ी खास, टटेहल, रिजर्व फॉरेस्ट मसूर जुनी और चंबा के बटारा गांव में पलायन के मुख्य कारणों जैसे रोजगार, शिक्षा, विवाह और जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का भी विस्तार से अध्ययन किया जाएगा।
घरेलू आय, ऋण और असंगठित क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को समझने के लिए अलग-अलग गांव और कस्बों को शामिल किया गया है। ‘राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण’ के लिए कांगड़ा के बंगोली निचली और चंबा के चंद्रू व गोली गांवों को चुना गया है, जबकि ऋण, निवेश, जमीन के मालिकाना हक और कृषि-पशुपालन के आकलन हेतु कांगड़ा के जरपाल, बाग, चंबा के चारी और धर्मशाला शहरी क्षेत्र में डेटा जुटाया जाएगा। इसके अलावा, विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़े ‘असंगठित उद्यम सर्वेक्षण’ के तहत कांगड़ा के नेरना, चंबा के शिउनवाई तथा पालमपुर, जवाली और चंबा के शहरी क्षेत्रों से रोजगार, वेतन, लाभ-हानि और बकाए का हिसाब लिया जाएगा। विभाग की सहायक निदेशक ने चयनित क्षेत्रों के सभी निवासियों से अपील की है कि वे सर्वे टीमों को सही व सटीक जानकारी देकर पूरा सहयोग करें ताकि आंकड़ों की विश्वसनीयता बनी रहे।











