सोलन के नालागढ़-बद्दी में ताबड़तोड़ गोलीबारी करने वाले गिरोह के 4 बदमाश मोहाली से गिरफ्तार, पिस्तौल व स्कॉर्पियो बरामद
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़-बद्दी में लगातार हुई गोलीबारी की तीन अलग-अलग घटनाओं से फैली दहशत के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बद्दी पुलिस की विशेष टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर पंजाब के मोहाली स्थित बलोंगी बैरियर के पास चलाए गए विशेष अभियान के दौरान चार शातिर आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक स्कॉर्पियो एसयूवी, एक अवैध जिगाना पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में खौफ का माहौल पैदा करने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
बद्दी के पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि क्षेत्र में दहशत फैलाने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली इन वारदातों को सुलझाने के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया था। ये टीमें लगातार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई थीं। जांच के दौरान मिली ठोस जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मोहाली के बलोंगी बैरियर के पास घेराबंदी की और चारों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंजाब के आनंदपुर साहिब निवासी देवेंद्र सिंह (34) व उपकार सिंह (29), रोपड़ निवासी अमृतपाल सिंह (32) तथा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं निवासी राजेंद्र कुमार (29) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आनंदपुर साहिब का रहने वाला देवेंद्र सिंह इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य साजिशकर्ता और मुख्य संदिग्ध है। तीनों ही वारदातों में उसी ने पिस्तौल से गोलियां चलाई थीं। उल्लेखनीय है कि इन तीनों वारदातों को मोटरसाइकिल सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने अंजाम दिया था।
पहली घटना 14 अक्टूबर को सामने आई थी, जब बुटा पलासी इलाके में मोटरसाइकिल सवार नकाबपोशों ने रणबीर सिंह के घर के बाहर हवा में गोलियां चलाईं और फरार हो गए। इसके बाद 23 और 24 अक्टूबर की दरमियानी रात को हमलावरों ने उसी बुटा पलासी क्षेत्र में मनप्रीत सिंह के घर के बाहर चार राउंड गोलियां दागकर दहशत फैला दी। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि 25 अक्टूबर को गोलजामाला में कबाड़ व्यापारी ‘यूसुफ एंटरप्राइजेज’ के दफ्तर सह स्टोर के बाहर अचानक पांच राउंड गोलियां चला दी गईं।
लगातार हो रही इन फायरिंग की घटनाओं से औद्योगिक क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया था। फिलहाल पुलिस पकड़े गए चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इन घटनाओं में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस इस पूरी साजिश के पीछे छिपे बड़े नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और गोलीबारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि नालागढ़-बद्दी इलाके में शांति भंग करने, गोलीबारी करने या कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।











