पांगी घाटी के पुरत्थी नाले में फटा बादल: करोड़ों की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह, 4 घराट बहे, मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त
चंबा: हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के दुर्गम व जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। पांगी घाटी के पुरत्थी नाले में अचानक बादल फटने (Cloudburst) से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। नाले में आई भीषण बाढ़ के रौद्र रूप ने सरकारी और गैर-सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे करोड़ों रुपये की तबाही का अनुमान लगाया जा रहा है।
चार घराट बहे, बिजली प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बादल फटने के तुरंत बाद पुरत्थी नाले का जलस्तर प्रचंड रूप ले गया। बाढ़ के तेज बहाव में स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका के साधन चार घराट (पारंपरिक पनचक्की) पूरी तरह बह गए। इसके अलावा, नाले पर बने जलविद्युत प्रोजेक्ट्स (Power Projects) को भी बाढ़ के मलबे और पानी की वजह से भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बन गई है।
मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त, आवाजाही पूरी तरह ठप
आपदा के कारण पुरत्थी नाले के समीप से गुजरने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यह सड़क पांगी घाटी के विभिन्न गांवों को आपस में जोड़ने का एकमात्र मुख्य संपर्क मार्ग है। सड़क बह जाने के कारण पूरे क्षेत्र का यातायात ठप पड़ गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क की बहाली का प्रयास शुरू किया जा रहा है, लेकिन मार्ग कब तक सामान्य हो पाएगा, इसका फिलहाल कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
पीड़ितों ने की मुआवजे की मांग
अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानीय लोगों में भय और निराशा का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावित परिवारों की निजी संपत्ति के नुकसान का जल्द से जल्द आकलन किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा व राहत सामग्री त्वरित रूप से प्रदान की जाए, ताकि वे इस आपदा से उबर सकें।
प्रशासनिक सतर्कता: क्षेत्र में भारी मलबे और नदी-नालों के उफान को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और संवेदनशील स्थानों तथा नदी-नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी है।










