गुरेज वैली में कुदरत का कहर: चार जगहों पर बादल फटे, कई सड़कें बंद, बाढ़ और भूस्खलन से तबाही
बांदीपोरा/गुरेज: भारी बारिश के कारण गुरेज वैली मंगलवार को प्राकृतिक आपदा से दहल उठी। घाटी में अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की चार घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से एक घटना चोरवान और तीन तुलैल क्षेत्र में हुईं। बादल फटने से अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) और भूस्खलन (Landslide) के चलते कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुँचा है, BSNL मोबाइल सेवाएं प्रभावित हुई हैं और कई मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
डिप्टी कमिश्नर (DC) बांदीपोरा, इंदु कंवल चिब ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि बादल फटने और भूस्खलन से घाटी की दो प्रमुख सड़कें पूरी तरह ब्लॉक हो गई थीं। राहत व बचाव कार्य को तेज़ी से चलाते हुए एक मार्ग को वाहनों के लिए दोबारा बहाल कर दिया गया है, जबकि दूसरी क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
राहत और पुनर्वास कार्य में जुटीं एजेंसियां
घटना की सूचना मिलते ही ज़िला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। DC इंदु कंवल चिब के अनुसार:
- सड़क और बुनियादी ढांचा: बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO), PMGSY और पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) की टीमें सड़कों को साफ करने और दोबारा जोड़ने में लगी हुई हैं।
- सिंचाई और कृषि नुकसान: इरिगेशन डिपार्टमेंट समेत अन्य संबंधित विभाग खेतों और पानी के रास्तों को हुए नुकसान का जायज़ा ले रहे हैं।
किशनगंगा नदी के किनारे सुरक्षा सख्त, टेंट स्थापित
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ज़िला प्रशासन ने किशनगंगा नदी के तटीय क्षेत्रों के लिए एक विशेष स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है।
”किशनगंगा के किनारे अति-संवेदनशील और जोखिम वाले स्थानों पर सुरक्षा टेंट लगाए गए हैं। मौसम विभाग (IMD) से कोई भी प्रतिकूल अलर्ट जारी होते ही पर्यटकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित (Evacuate) कर दिया जाएगा।”
— इंदु कंवल चिब, DC बांदीपोरा
पर्यटकों और टूर ऑपरेटर्स के लिए गाइडलाइन
खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है:
- अपडेट पर नज़र रखें: गुरेज आने वाले पर्यटक अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम के ताज़ा अपडेट ज़रूर जाँच लें।
- एडवांस बुकिंग से बचें: टूरिज़्म ऑपरेटरों, कैंप मालिकों और यात्रियों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान ज़्यादा एडवांस बुकिंग न करें, क्योंकि आपातकालीन स्थिति में पर्यटन स्थलों को तत्काल खाली कराया जा सकता है।











