देश को मिली OLA-Uber जैसी पहली सरकारी टैक्सी सेवा ‘भारतीय टैक्सी

नई दिल्ली 24 अक्टूबर : अब ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों को टक्कर देने के लिए केंद्र सरकार अपनी पहली नियंत्रित टैक्सी सेवा शुरू करने जा रही है। इसका नाम ‘भारतीय टैक्सी’ (Bhartiya Taxi) रखा गया है, जो देश का पहला राष्ट्रीय सहकारी राइड-रेलिंग प्लेटफॉर्म होगा। यह सेवा सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीज़न द्वारा विकसित की गई है।
ड्राइवरों के लिए खास होगा यह मॉडल
यह सेवा आम जनता के साथ-साथ ड्राइवरों के लिए भी एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। इस प्लेटफॉर्म में ड्राइवर भी सह-मालिक होंगे, जिससे उनका कंपनी में सीधा हिस्सा होगा।
100% कमाई ड्राइवरों की: सबसे बड़ी खासियत यह है कि ड्राइवरों को प्रत्येक सवारी से होने वाली कमाई का 100 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होगा।
वीकली या मंथली फीस: ड्राइवरों से कमीशन के बजाय केवल एक साप्ताहिक या मासिक शुल्क (Subscription-based model) लिया जाएगा। यह मॉडल सहकार टैक्सी कॉपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाएगा।

नवंबर से ऐप होगी उपलब्ध
’भारतीय टैक्सी’ की ऐप ओला और उबर जैसी ही होगी। इसे नवंबर महीने से ऐप स्टोर (App Stores) पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह ऐप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में होगी। यह सेवा FASTag के साथ भी जुड़ी होगी।
महिलाओं को मिलेगा खास मौका
इस योजना में महिला ड्राइवरों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा और उन्हें काम करने का मौका दिया जाएगा।
ट्रेनिंग और बीमा: 15 नवंबर से महिला ड्राइवरों को मुफ्त प्रशिक्षण (Free Training) और विशेष बीमा (Special Insurance) प्रदान किया जाएगा।
लक्ष्य: पहले चरण में 100 महिलाएं शामिल होंगी, और 2030 तक उनकी संख्या 15,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

तीन शहरों से होगी शुरुआत
पहले चरण में इस टैक्सी सेवा को देश के चुनिंदा हिस्सों में शुरू किया जाएगा।
यह प्रोग्राम अप्रैल और दिसंबर के बीच लखनऊ, भोपाल और जयपुर में सबसे पहले शुरू होगा।
शुरुआत में इसमें 15,000 ड्राइवर और 10,000 वाहन शामिल होंगे।
2027-2028 तक, यह 20 प्रमुख शहरों में 50,000 ड्राइवरों के साथ एक अखिल भारतीय सेवा के रूप में उपलब्ध होगी।
2028-2030 के बीच, इसे जिला मुख्यालयों और गांवों तक विस्तारित किया जाएगा, जिसमें 1 लाख ड्राइवर शामिल होंगे।
यह सरकारी पहल मौजूदा टैक्सी सेवाओं में सुरक्षा और कमीशन जैसे मुद्दों को देखते हुए एक पारदर्शी और ड्राइवर-हितैषी विकल्प प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








