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पंजाब कांग्रेस में प्रधानगी पर सस्पेंस बरक़रार: भूपेश बघेल बोले— ‘प्रधान बदलना कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं’

पंजाब कांग्रेस में प्रधानगी पर सस्पेंस बरक़रार: भूपेश बघेल बोले— ‘प्रधान बदलना कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं’

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन (प्रधानगी) को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने विराम लगा दिया है। दिल्ली में कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के निवास पर हुई एक अहम बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए बघेल ने दो-टूक लहजे में कहा, “जो फैसला लिया जाना था वह पहले ही लिया जा चुका है। प्रधान बदलना कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है कि बार-बार बदला जाए।” भूपेश बघेल का यह तीखा बयान उस समय आया है जब पंजाब के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और आलाकमान लगातार बैठकें कर रहा है। बघेल ने साफ़ कर दिया कि कांग्रेस आलाकमान अपने पुराने फैसले (अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने) पर पूरी तरह कायम है और फिलहाल संगठन में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होने जा रहा है।

वेणुगोपाल के घर पर मैराथन बैठक, प्रताप सिंह बाजवा भी पहुंचे

​बुधवार को दिल्ली में सियासी सरगर्मियां उस वक्त और तेज हो गईं जब के. सी. वेणुगोपाल के निवास पर पंजाब के हालात को लेकर एक बड़ी बैठक बुलाई गई। इस बैठक में पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के साथ-साथ पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) प्रताप सिंह बाजवा भी अचानक शामिल होने पहुंचे। बाजवा का यह अचानक दिल्ली दौरा और बैठक में शामिल होना सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

बाजवा की चुप्पी ने बढ़ाए नए सवाल > बैठक खत्म होने के बाद जब पत्रकारों ने प्रताप सिंह बाजवा को घेरा और उनके दिल्ली दौरे के मायने समझने चाहे, तो उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली। बाजवा ने सिर्फ इतना कहा कि “बाद में बात करेंगे” और किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बाजवा की इस रहस्यमयी चुप्पी के पीछे पंजाब संगठन की कोई बड़ी खिचड़ी पक रही है।

राहुल गांधी और खड़गे के बीच भी हुआ मंथन

​दिल्ली में जारी इस सियासी हलचल की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच पंजाब की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और अंदरूनी कलह को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसके बाद ही के. सी. वेणुगोपाल के घर पर बैठकों का यह नया दौर शुरू हुआ।

बघेल की रिपोर्ट के बाद क्या थमेगा विवाद?

​सूत्रों के मुताबिक, भूपेश बघेल ने पंजाब के अपने छह दिवसीय दौरे के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट संगठन महासचिव को सौंप दी है। हालांकि, बघेल के बयान के बाद यह साफ है कि प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग अपनी कुर्सी पर बने रहेंगे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गुट और अन्य नाराज नेताओं को संतुष्ट करने के लिए आलाकमान किसी नए फॉर्मूले पर काम कर सकता है।

​अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में प्रताप सिंह बाजवा की मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से होती है या नहीं। फिलहाल, प्रभारी भूपेश बघेल ने भले ही नो-चेंज का संदेश दे दिया हो, लेकिन दिल्ली में जारी बैठकों के दौर और नेताओं की चुप्पी ने पंजाब कांग्रेस के भीतर का सस्पेंस अभी भी बरकरार रखा है।

Ami News
Author: Ami News

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