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सावधान! बारिश के मौसम में बढ़ रहा है ‘दाद’ का खतरा; जानें लक्षण और बचाव के उपाय

सावधान! बारिश के मौसम में बढ़ रहा है ‘दाद’ का खतरा; जानें लक्षण और बचाव के उपाय

​गर्मी और उमस भरे इस मौसम में जहां एक तरफ बारिश लोगों को राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ यह अपने साथ कई संक्रामक बीमारियां भी लेकर आ रही है। इन दिनों अस्पतालों में त्वचा (स्किन) से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर आपकी त्वचा पर गोल-गोल लाल रंग के चकत्ते पड़ रहे हैं और उनमें तेज खुजली या जलन हो रही है, तो इसे मामूली समझकर नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें।

​विश्व प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थान Johns Hopkins Medicine के अनुसार, यह टीनिया इन्फेक्शन (Tinea Infection) हो सकता है, जिसे आम बोलचाल में ‘दाद’ या ‘रिंगवर्म’ कहा जाता है।

क्या होता है टीनिया इन्फेक्शन?

​विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, टीनिया त्वचा के ऊपरी हिस्से में पनपने वाला एक बेहद आम फंगल संक्रमण (Fungal Infection) है।

  • पहचान: इस संक्रमण के होने पर त्वचा पर लाल रंग का एक गोल घेरा (अंगूठी या रिंग जैसा छल्ला) बन जाता है। इस घेरे के किनारे थोड़े उभरे हुए और गहरे लाल होते हैं, जबकि बीच की त्वचा बिल्कुल साफ या सूखी दिखाई देती है। इसमें मरीज को असहनीय खुजली होती है।
  • शरीर के हिस्सों के आधार पर अलग नाम:
    • टीनिया कैपिटिस (सिर की त्वचा): सिर में पपड़ी जमने लगती है और प्रभावित जगह के बाल झड़ने लगते हैं।
    • टीनिया कॉर्पोरिस (शरीर की मुख्य त्वचा): हाथ, पैर, पीठ या पेट पर गोल छल्लों के रूप में फैलता है।
    • एथलीट फुट (पैरों की उंगलियां): लंबे समय तक जूते पहनने या गीले रहने से उंगलियों के बीच की त्वचा गलने लगती है।
    • टीनिया क्रूरिस (जांघों के जोड़): जांघों और गुप्त अंगों के आसपास होता है, जहां पसीना ज्यादा जमा होता है।

बारिश के मौसम में ही क्यों बढ़ता है इसका प्रकोप?

​फंगस को जिंदा रहने और अपनी संख्या बढ़ाने के लिए दो चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है—नमी और गर्मी। बारिश के दिनों में हवा में उमस (Humidity) का स्तर बहुत बढ़ जाता है। जब हमें पसीना आता है या हम बारिश के पानी में भीग जाते हैं, तो शरीर के जोड़ और उंगलियों के बीच के हिस्से लंबे समय तक गीले रह जाते हैं। कपड़ों की रगड़ और हवा न लगने के कारण यह नमी फंगस के लिए एकदम अनुकूल माहौल तैयार करती है, जिससे टीनिया तेजी से फैलने लगता है।

छूने से फैलता है यह संक्रमण > टीनिया एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में बहुत आसानी से पहुंच सकती है:

  • ​संक्रमित व्यक्ति की त्वचा या दाद वाले हिस्से को सीधे छूने से।
  • ​पीड़ित व्यक्ति का तौलिया, कपड़े, कंघी, चादर या बिस्तर इस्तेमाल करने से।
  • ​घर में मौजूद पालतू कुत्ते या बिल्ली (यदि उन्हें फंगल इन्फेक्शन है) के संपर्क में आने से।

कैसे रखें खुद को सुरक्षित? अपनाएं ये उपाय

​त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ साधारण सावधानियां बरतकर इस संक्रमण से बचा जा सकता है:

  • शरीर को सूखा रखें: नहाने या पसीना आने के बाद शरीर को तौलिये से अच्छी तरह सुखाएं। उंगलियों के बीच और जोड़ों पर खास ध्यान दें।
  • कपड़ों का चुनाव: सिंथेटिक कपड़ों से बचें क्योंकि वे पसीना नहीं सोखते। ढीले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे।
  • चीजें शेयर न करें: अपने तौलिये, कपड़े, अंदरूनी वस्त्र (Undergarments) और कंघी को परिवार के अन्य सदस्यों से पूरी तरह अलग रखें।

डॉक्टरों की सलाह: खुद न बनें डॉक्टर, स्टेरॉयड से बचें

​विशेषज्ञों का कहना है कि लक्षण दिखने पर खुद डॉक्टर न बनें। बाजार में मिलने वाली बिना डॉक्टरी पर्चे (OTC) वाली स्टेरॉयड युक्त क्रीम लगाने से यह संक्रमण कुछ समय के लिए दब जाता है, लेकिन बाद में और गंभीर रूप में उभरता है। इसलिए, त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से मिलकर ही सही एंटीफंगल क्रीम या दवा का कोर्स पूरा करें।

नोट (Disclaimer): यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या त्वचा में बदलाव दिखने पर तुरंत योग्य डॉक्टर की सलाह लें।

Ami News
Author: Ami News

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