ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता आज से लागू: भारतीय निर्यात को मिलेगी ‘जीरो-टैरिफ’ एंट्री, कार और स्कॉच-व्हिस्की के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आज, यानी 15 जुलाई से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के लागू होने से दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत हुई है। भारत सरकार का मानना है कि इस डील से भारतीय निर्यात को अभूतपूर्व पंख मिलेंगे, क्योंकि समझौते के तहत भारत के करीब 99% निर्यात को ब्रिटिश बाजार में जीरो-टैरिफ (Duty-Free) प्रवेश मिलेगा।
समझौते से भारत को होने वाले 5 बड़े फायदे:
1. भारत में ब्रिटिश लग्जरी कारें और स्कॉच-व्हिस्की होंगी सस्ती
भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत के रूप में, ब्रिटेन से आयात होने वाले कई प्रीमियम उत्पाद अब काफी किफायती हो जाएंगे:
- स्कॉच-व्हिस्की: विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के अनुसार, आयातित स्कॉच-व्हिस्की पर लगने वाला 150% का भारी-भरकम टैरिफ अब घटकर कई किस्तों में 40% पर आ जाएगा।
- लग्जरी गाड़ियां: लैंड रोवर, जगुआर, रोल्स रॉयस और एस्टन मार्टिन जैसी लग्जरी कारों पर ऑटोमोबाइल टैरिफ को 100% से घटाकर मात्र 10% कर दिया गया है।
- ब्यूटी प्रोडक्ट्स: ब्यूटी और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर लगने वाली 22% ड्यूटी को या तो बेहद कम कर दिया जाएगा या पूरी तरह समाप्त किया जाएगा।
2. भारतीय सामानों को मिलेगी ‘जीरो-टैरिफ’ एंट्री
ब्रिटिश बाजार अब भारतीय निर्यातकों के लिए बिना किसी रुकावट के खुल गया है।
- वर्तमान में ब्रिटेन में भारतीय कपड़ों पर 12%, केमिकल्स पर 8% और बेस मेटल्स पर 10% की ड्यूटी लगती थी, जो अब घटकर सीधे 0% हो जाएगी।
- इसके तहत कपड़े (टेक्सटाइल), जूते-चप्पल (फुटवियर) और चुनिंदा खाद्य उत्पादों सहित भारत के 99% सामानों को ब्रिटेन में बिना किसी अतिरिक्त कर (Duty-Free) के प्रवेश मिलेगा।

3. देश में पैदा होंगे लाखों रोजगार
इस ऐतिहासिक एग्रीमेंट का सीधा सकारात्मक असर भारत के घरेलू रोजगार बाजार पर पड़ेगा। इसके लागू होने से देश के प्रमुख श्रम-गहन क्षेत्रों (Labour-Intensive Sectors) में रोजगार की बाढ़ आने की उम्मीद है:
- मुख्य प्रभावित क्षेत्र: टेक्सटाइल, लेदर (चमड़ा उद्योग), फूड प्रोसेसिंग और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर।
- इन क्षेत्रों में गति आने से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे।
4. भारतीय पेशेवरों को ‘नेशनल इंश्योरेंस’ से बड़ी राहत
ब्रिटेन में काम कर रहे या वहां जाने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यह समझौता वित्तीय रूप से बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है:
- डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (DCC): इस विशेष प्रावधान के तहत अब भारतीय पेशेवरों को ब्रिटेन के नेशनल इंश्योरेंस में योगदान देने से छूट मिलेगी।
- बचत का नया जरिया: पहले भारतीय पेशेवरों के वेतन का लगभग 25% हिस्सा ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा योजना में चला जाता था (जो उन्हें वापस भी नहीं मिलता था)। अब यह पूरी राशि भारत में उनके भविष्य निधि (PF) खाते में जमा होगी, जिस पर सालाना 8.25% की दर से पूरी तरह टैक्स-फ्री ब्याज मिलेगा।

5. द्विपक्षीय निवेश और सेवा क्षेत्र (Services Sector) में भारी उछाल
व्यापार के साथ-साथ निवेश के मोर्चे पर भी यह समझौता भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होगा:
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- ब्रिटिश निवेश में बढ़ोतरी: इस डील के बाद ब्रिटिश कंपनियों द्वारा भारत के मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) क्षेत्रों में निवेश को तेजी से बढ़ाने की संभावना है।
- पेशेवरों के लिए नए द्वार: भारतीय आईटी कंपनियों, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और अन्य सेवा पेशेवरों के लिए ब्रिटेन में काम करने का दायरा और वीजा नियमों में ढील के साथ अवसर काफी बढ़ जाएंगे।
“यह समझौता दोनों देशों के लिए ‘विन-विन’ की स्थिति है। इससे न केवल भारत के पारंपरिक निर्यात क्षेत्रों जैसे कपड़ा और चमड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि हमारे कुशल पेशेवरों को भी वैश्विक मंच पर काम करने के अधिक अधिकार और लाभ मिलेंगे।” > — वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार








