शिमला।
हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित बरोटीवाला ट्रक यूनियन के समीप संचालित हरियाणा के शराब ठेके को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि यह ठेका हिमाचल प्रदेश की सीमा के भीतर संचालित हो रहा है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और अब राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त निशानदेही कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे पहले यह तय होना चाहिए कि जिस भूमि पर शराब का ठेका संचालित हो रहा है, वह राजस्व रिकॉर्ड में हिमाचल प्रदेश की है या हरियाणा की। उनका कहना है कि यदि जांच में यह भूमि हिमाचल प्रदेश की निकली तो यह केवल सीमा विवाद का मामला नहीं रहेगा, बल्कि राजस्व एवं आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े होंगे। लोगों का कहना है कि यदि संबंधित भूमि हिमाचल प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में है, तो वहां हरियाणा के शराब ठेके को किस आधार पर संचालित होने दिया गया। इसके लिए किस विभाग ने अनुमति दी और इतने समय तक संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की, इसकी भी पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि राजस्व विभाग मौके पर सीमांकन कर दोनों राज्यों की सीमा का स्पष्ट निर्धारण करे, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी एवं कराधान विभाग बद्दी के उपायुक्त विनोद डोगरा ने बताया कि मामला विभाग के संज्ञान में है। संबंधित स्थल का राजस्व विभाग के माध्यम से डिमार्केशन कराया जाएगा। इसके लिए 15 जुलाई को राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त निशानदेही निर्धारित की गई है।








