श्रीनगर
श्रीनगर के पुराने शहर के कुछ इलाकों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी सुरक्षा कारणों से पाबंदियां जारी रहीं। अधिकारियों के अनुसार नक्शबंद साहिब इलाके में स्थित शहीद कब्रिस्तान में लोगों के एकत्र होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि नौहट्टा और नक्शबंद साहिब समेत पुराने शहर के कई हिस्सों में एहतियात के तौर पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है।
सोमवार को सुरक्षाबलों ने नक्शबंद साहिब इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया था, ताकि 13 जुलाई को मनाए जाने वाले शहीद दिवस के मौके पर किसी भी तरह के जमावड़े को रोका जा सके।
13 जुलाई 1931 को श्रीनगर सेंट्रल जेल के बाहर डोगरा सेना की गोलीबारी में 22 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी। इसी घटना की याद में हर साल शहीद दिवस मनाया जाता रहा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अन्य नेताओं और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने दावा किया कि उन्हें नक्शबंद साहिब स्थित कब्रिस्तान जाकर श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद नेताओं ने अपने-अपने पार्टी कार्यालयों में श्रद्धांजलि अर्पित की।
बता दें कि वर्ष 2020 में उपराज्यपाल प्रशासन ने 13 जुलाई को सरकारी अवकाश की सूची से हटा दिया था। फिलहाल प्रशासन की ओर से इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था जारी रखी गई है।








