सड़क परिवहन मंत्रालय का बड़ा एक्शन: देश के 80 से ज्यादा टोल प्लाजा होंगे बंद, 1 अक्टूबर से मिलेगी बड़ी राहत

देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए राहत की एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर चल रहे देश के 80 से अधिक टोल प्लाजा को आगामी 1 अक्टूबर से बंद करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक हालिया आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में इस बड़े खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

ऑडिट रिपोर्ट में खुली पोल: लागत वसूली के बाद भी हो रही थी अवैध वसूली
मंत्रालय की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई टोल प्लाजा ऐसे हैं जो अपनी पूरी पूंजीगत लागत (Capital Cost) वसूल कर चुके हैं। इसके बावजूद, वे राष्ट्रीय राजमार्गों के तय नियमों का उल्लंघन कर 60 किलोमीटर के दायरे के भीतर अवैध तरीके से वाहन चालकों से वसूली कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड और दक्षिण भारत के कई राज्यों में टोल ऑपरेटर बेहद चालाकी से काम कर रहे थे। दरअसल, नियम के मुताबिक लागत पूरी होने के बाद टोल टैक्स में 69 प्रतिशत तक की कटौती (टोल माफी) का प्रावधान है। इससे बचने के लिए ये ऑपरेटर लागत पूरी होने से ठीक पहले मंत्रालय को नया प्रस्ताव भेज देते थे। इस प्रस्ताव में हाईवे पर नया फ्लाईओवर, अंडरपास या कुछ किलोमीटर की अतिरिक्त सर्विस लेन बनाने की मांग की जाती थी। इस नए निर्माण के खर्च को पुरानी लागत में जोड़कर कागजों पर यह दिखा दिया जाता था कि कुल निवेश अभी पूरा नहीं हुआ है। इस हेरफेर के जरिए दशकों से जनता से पूरा 100 फीसदी टोल वसूला जा रहा था, जिसे मंत्रालय की ऑडिट टीम ने पकड़ लिया है।

अवैध ‘सब-टोल’ भी निशाने पर, तुरंत बंद करने की तैयारी
60 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी वाले बुनियादी नियम को दरकिनार कर कई हाईवे पर नियमों के खिलाफ ‘सब-टोल’ स्थापित किए गए थे। इन सब-टोल के जरिए भी धड़ल्ले से अवैध वसूली की जा रही थी। ऑडिट रिपोर्ट में इन सब-टोल को पूरी तरह अवैध पाया गया है और अब सरकार इन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने की तैयारी में है।
दो चरणों में होगी सरकार की कार्रवाई
मंत्रालय इन अवैध और नियमों का उल्लंघन करने वाले टोल प्लाजा को दो चरणों में पूरी तरह हटाएगा:
- पहला चरण (अक्टूबर 2026 तक): इसके तहत सबसे पहले उन 35 टोल प्लाजा को पूरी तरह हटा दिया जाएगा, जिनका अनुबंध (Contract) समाप्त हो चुका है।
- दूसरा चरण (31 दिसंबर 2026 तक): वहीं दूसरे चरण में शेष बचे हुए सभी अवैध टोल प्लाजा को हटाने के लिए सरकार ने अंतिम समय-सीमा निर्धारित की है।
सरकार के इस सख्त कदम से न केवल करोड़ों वाहन चालकों को भारी आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर भी सुगम और पारदर्शी हो सकेगा।








