पठानकोट: ओवरब्रिज के नीचे 15 साल से नाले की समस्या जस की तस, प्रशासन मौन
राहगीर, वाहन चालक और स्कूली बच्चे बदहाली का दंश झेलने को मजबूर; जलभराव और दुर्गंध से बीमारियां फैलने का खतरा।

पठानकोट (एएमआई न्यूज ब्यूरो): पठानकोट से ढांगू रोड को जोड़ने वाले मार्ग पर बने ओवरब्रिज के नीचे पिछले 10 से 15 वर्षों से नाले की समस्या बनी हुई है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब यहाँ कई-कई फीट तक पानी जमा हो जाता है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह समस्या केवल बरसात तक सीमित नहीं है, बल्कि साल के बारह महीने यहाँ गंदा पानी इसी तरह पसरा रहता है।
स्कूली बच्चों और वाहन चालकों के लिए आफत
स्कूल से घर लौट रहे बच्चों ने बताया कि बारिश के दौरान यहाँ इतना पानी भर जाता है कि उन्हें कई किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करके घूमकर अपने घर जाना पड़ता है। वाहनों की स्थिति भी दयनीय हो जाती है; नाले के पानी के कारण आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में ही फंस जाते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ओवरब्रिज से गुजरने वाले लोग भी अपना कूड़ा-कचरा नीचे फेंक देते हैं, जिससे यह जगह पूरी तरह से डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुकी है।

बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, मुंह ढककर निकलने को मजबूर लोग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के प्रति अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा:
”यहाँ फैली गंदगी और सड़न के कारण इलाके में मच्छर और मक्खियाँ पनप रही हैं, जिससे भयंकर बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। यहाँ इतनी तेज दुर्गंध आती है कि लोगों को मुंह ढककर निकलना पड़ता है। कई बार गाड़ियां पानी में डूब जाती हैं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कम से कम 20 साल हो गए इस ओवरब्रिज को बने, लेकिन प्रशासन ने आज तक इस गंभीर समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया।”

ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की मांग
स्थानीय जनता और राहगीरों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस क्षेत्र के ड्रेनेज (निकासी) सिस्टम में तुरंत सुधार किया जाए। यदि यहाँ की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त हो जाती है, तो लोगों को इस नारकीय जीवन और गंदगी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। अब देखना यह होगा कि सालों से कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन इस गंभीर जन समस्या पर कब जागता है।








