वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

AMI News: पठानकोट के साइकिल यात्री ने 12 दिनों में पूरी की अमरनाथ यात्रा; सुरक्षा बलों के सहयोग की सराहना की

पठानकोट के साइकिल यात्री ने 12 दिनों में पूरी की अमरनाथ यात्रा: सुरक्षा बलों के सहयोग की सराहना की

पठानकोट पठानकोट के मोहल्ला चंदड़िया के रहने वाले अश्विनी शर्मा (अश्विनी टोनी) ने साइकिल से अमरनाथ यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कर एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। इस पूरी धार्मिक यात्रा को पूरा करने में उन्हें कुल 12 दिन का समय लगा, जिसमें उन्होंने 5 दिनों में गंतव्य तक की दूरी तय की और लगभग इतने ही दिनों में सुरक्षित अपने घर वापस लौट आए।

1 जुलाई को शुरू हुआ था सफर

​अश्विनी शर्मा ने बताया कि वे 1 जुलाई को पठानकोट से साइकिल द्वारा बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। 7 जुलाई को उन्हें पवित्र गुफा में बाबा के दर्शन प्राप्त हुए। यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 4 जुलाई की रात को जब वे बनिहाल कैंप में ठहरे हुए थे, तब देर रात 1 बजे उन्हें यात्रा कार्ड (पंजीकरण) मिल गया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली और यात्रा को आगे बढ़ाने का हौसला मिला।

पहलगाम के रास्ते की चढ़ाई और सुरक्षा व्यवस्था

​साइकिल से सफर करते हुए वे 5वें दिन पहलगाम पहुंचे। वहाँ की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि साइकिल पार्किंग के लिए ‘साइकिल बाजार’ की बेहतरीन व्यवस्था की गई थी, जहाँ उन्होंने अपनी साइकिल को बिना किसी डर के पार्क किया।

​उन्होंने बताया कि पहलगाम के आगे का रास्ता बेहद कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला था, जिसके कारण दो-तीन बार यात्रा पूरी करने के लिए उन्हें घोड़े की मदद भी लेनी पड़ी। उन्होंने पूर्व की यात्रा (वर्ष 1989) की तुलना करते हुए कहा कि पहले के मुकाबले अब अमरनाथ गुफा के बेसमेंट और रास्तों के बुनियादी ढांचे में काफी बदलाव आया है।

कैंप और लंगर की उत्तम व्यवस्था

​अश्विनी शर्मा के अनुसार, यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के रहने और खाने-पीने के व्यापक इंतजाम हैं। टेंट और बेड की व्यवस्था ₹450 से ₹550 के बीच आसानी से उपलब्ध हो जाती है। विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए लंगरों में उच्च स्तरीय भोजन और यहाँ तक कि पानी की बोतलें भी पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं।

सुरक्षा बलों (CRPF, BSF और सेना) का मिला अटूट सहयोग

​अश्विनी शर्मा ने यात्रा के दौरान सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और बीएसएफ (BSF) के जवानों द्वारा किए गए सहयोग की दिल खोलकर प्रशंसा की। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया:

​”एक दिन सफर के दौरान मुझे काफी अंधेरा हो गया था और मैं आगे चलने की स्थिति में नहीं था। मैंने सुरक्षा बलों के दिए गए गाड़ी नंबर पर फोन कर मदद मांगी। मेरी स्थिति को देखते हुए उन्होंने तुरंत ब्लैक कमांडो (सुरक्षा दस्ते) को मेरी मदद के लिए भेजा। जवानों ने मेरी साइकिल को अपनी गाड़ी में रखा और मुझे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।”

​शर्मा ने आगे कहा कि पूरे रास्ते में जवान हर मोड़ पर यात्रियों से चाय-पानी और उनकी कुशलता के बारे में पूछते नजर आए, जो बेहद सराहनीय है।

भ्रांतियों पर न दें ध्यान, विश्वास के साथ करें यात्रा

​उन लोगों को संदेश देते हुए जो यात्रा को लेकर डरते हैं या तरह-तरह की अफवाहें फैलाते हैं, अश्विनी शर्मा ने कहा कि बाबा के दरबार में न कोई कांटा लगता है और न कोई कंकड़। यात्रियों को नकारात्मक सोच छोड़ कर पूरे विश्वास के साथ बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए आगे बढ़ना चाहिए।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!