मणिमहेश यात्रा पर संकट: 24 घंटे में दो बार थमा पठानकोट-भरमौर हाईवे, NHAI के दावों की खुली पोल
बत्ती हट्टी में भूस्खलन और त्रिलोचन महादेव के पास ट्रक फंसने से लगा लंबा जाम; श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी

, चम्बा/भरमौर पठानकोट-चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बदइंतजामी और कुदरत की मार के कारण मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर इस हाईवे पर दूसरी बार यातायात पूरी तरह बाधित हुआ, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लगातार हो रहे इन हादसों ने बरसात के मौसम और यात्रा सीजन को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के पुख्ता तैयारियों के दावों की हवा निकाल दी है।

शनिवार को चट्टानें खिसकीं, रविवार को दलदल में फंसा ट्रक
- पहला व्यवधान (शनिवार): बत्ती हट्टी के समीप पहाड़ी से अचानक भारी चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 4 घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। NHAI ने मलबा हटाने के लिए 3 छोटी जेसीबी मशीनें तो लगाईं, लेकिन मौके पर कोई बड़ी मशीन न होने के कारण मार्ग बहाल करने में उम्मीद से कहीं ज्यादा समय लग गया।
- दूसरा व्यवधान (रविवार सुबह): अभी शनिवार के जाम से लोग संभले भी नहीं थे कि रविवार सुबह करीब 8 बजे त्रिलोचन महादेव के पास सड़क पर बने एक बड़े दलदली हिस्से में भारी ट्रक फंस गया। ट्रक फंसने से हाईवे पर एक बार फिर चक्का जाम हो गया। बाद में जेसीबी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक को बाहर निकाला गया और यातायात बहाल हो सका।
दावे निकले खोखले: 5 किमी पर मशीनरी का वादा गायब
गौरतलब है कि NHAI ने दावा किया था कि बरसात और मणिमहेश यात्रा के मद्देनजर हर 5 किलोमीटर पर भारी मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत रास्ता खोला जा सके। लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। बत्ती हट्टी में बड़ी मशीन न होने और त्रिलोचन महादेव के पास दलदल का समय पर उपचार न होने से प्राधिकरण के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कारोबार और पर्यटन पर सीधे चोट
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले करीब दो महीनों से इस राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बेहद खस्ताहाल है। जगह-जगह सड़क धंसने, भूस्खलन होने और दलदल बनने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़क की इस बदहाली का सीधा असर भरमौर के पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। वर्तमान में मणिमहेश यात्रा अपने चरम पर है, ऐसे में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को घंटों जाम में भूखे-प्यासे तड़पना पड़ रहा है।
स्थानीय जनता की मांग: > “NHAI केवल कागजी दावे करना बंद करे। मणिमहेश यात्रा के संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त भारी मशीनरी (बड़ी पोकलैंड/जेसीबी), अतिरिक्त कर्मचारी और प्रभावी निगरानी दस्ता तैनात किया जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और यातायात निर्बाध रूप से चल सके।”








