मकोड़ा पत्तन पर बड़ा हादसा टला: रावी नदी पार करते समय अचानक पानी में डूबी नाव, बाल-बाल बचीं मासूमों और महिलाओं की जानें
पंतून पुल हटने से 7 गांवों के लोग नाव के भरोसे, नदी पार करते समय मची चीख-पुकार

गुरदासपुर: गुरदासपुर के मकोड़ा पत्तन पर रावी नदी पार करते समय एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मानसून की बारिश के कारण नदी पर बना पंटून (अस्थायी) पुल हटाए जाने के बाद, पिछले कई दिनों से इलाके के 7 गांवों के लोगों के लिए नाव ही आवाजाही का एकमात्र सहारा बनी हुई है। इसी बीच नदी पार करते समय एक नाव अचानक पानी से भर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि नाव किनारे के बेहद करीब थी, जिसके चलते एक बड़ा प्रशासनिक और मानवीय हादसा टल गया।

किनारे पहुंचते ही नाव में भरा पानी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव में छोटे बच्चे और महिलाओं समेत कई ग्रामीण सवार थे। नाव जैसे ही नदी के किनारे पहुंची, अचानक उसमें तेजी से पानी भरना शुरू हो गया। नाव को डूबता देख उसमें सवार लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया और वे शोर मचाने लगे।
मददगार बने स्थानीय लोग: चीख-पुकार सुनकर किनारे पर मौजूद अन्य ग्रामीण और नाविक तुरंत हरकत में आए। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए नाव में फंसे बच्चों और महिलाओं को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है।

बुजुर्गों ने पैदल नदी पार कर बचाई जान
नाव में पानी भरने के बाद पैदा हुए डर के माहौल के बीच, नाव में सवार कुछ बुजुर्गों ने हिम्मत दिखाई। गांव के बुजुर्ग मोहकम सिंह और बिक्रम सिंह समेत कई अन्य लोगों ने सूझबूझ से काम लिया और पानी के बीच से ही पैदल चलकर नदी पार की और सुरक्षित बाहर निकले।
पुल हटने से बढ़ीं मुश्किलें, प्रशासन से गुहार
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में पंटून पुल को हटा दिया जाता है, जिससे सीमावर्ती 7 गांवों का संपर्क मुख्य शहर से पूरी तरह कट जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- रावी नदी पर पक्के पुल का निर्माण जल्द से जल्द किया जाए।
- जब तक पुल नहीं बनता, तब तक सुरक्षा उपकरणों (लाइफ जैकेट आदि) से लैस बड़ी और सुरक्षित नावों का प्रबंध किया जाए ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो।








